नीरज पांडे ने 'बेबी', 'ए वेडनेसडे', 'स्पेशल 26' जैसी शानदार फिल्मों का निर्देशन किया है। अब उनकी क्राइम थ्रिलर फिल्म गजब रात नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी लीड रोल में हैं। फिल्म में उन्होंने भ्रष्ट पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है। पहले इस फिल्म का नाम घूसखोर पंडित था। इस नाम पर खूब बवाल हुआ था जिसके बाद फिल्म का नाम बदला गया। अगर आप भी इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले रिव्यू पढ़ लें।

 

फिल्म की कहानी अजय निर्वित (मनोज बाजपेयी) के इर्द-गिर्द घूमती है। वह पुलिस की वर्दी में सिर्फ अपना फायदा देखता है। उसका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है। अजय की जिंदगी में ट्विस्ट तब आता है जब गाड़ी से एक लड़की को सड़क पर फेंक दिया जाता है।

 

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'गजब रात' की कहानी

इस केस की जांच की जिम्मेदारी अजय को मिलती है। अजय इस केस को जल्द से जल्द निकलना चाहता है। जांच के दौरान उसे पता चलता है कि यह लड़की उसके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है क्योंकि उसके पीछे सीबीआई ऑफिसर नवीन मधोक (अक्षय ओबेरॉय) और एनआईए अधिकारी करण गिल (साकिब सलीम) पड़े हैं। अजय को बड़ी रकम ऑफर होती है।

 

वह उस लड़की को मारने के लिए तैयार हो जाता है लकिन कुछ ऐसा होता है कि अजय का मन बदल जाता है। अजय अब उस लड़की की पहचान ढूंढता है और उसे पता चलता है कि उसने देश के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की। उसके बाद अजय घायल लड़की की जान बचाने के लिए सब कुछ दाव पर लगा देता है।

 

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मूवी रिव्यू

अजय निर्वित शुरुआत से ही अपने किरदार को रोचक बनाए रखते हैं। उन्होंने भ्रष्ट और शातिर पुलिस ऑफिसर के रोल में दमदार अभिनय किया है। दूसरी और मधोक और करण गिल भी इस केस को दिलचस्प बनाने में मदद करते हैं। दूसरे हाफ में जब घायल लड़की का सच सामने आता है तब कहानी ताश के पत्ते की तरह बिखर जाती है। फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत ही बोरिंग और बकवास लगता है।

 

मनोज बाजपेय के साथ इस फिल्म में दिव्या दत्ता, नुसरत भरूचा भी नजर आईं। दिव्या दत्ता स्क्रीन पर 2 से 5 मिनट के लिए दिखाई दी है। वह अपने रोल में जंच रही हैं। वहीं, नुसरत भरूचा का फिल्म में हो ना होना बराबर है। इस फिल्म की रीढ़ की हड्डी मनोज बाजपेयी है। उनका काम शानदार है लेकिम कमजोर पटकथा की वजह से फिल्म आपके दिमाग पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाती है।