अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष खत्म करने के उद्देश्य से तैयार किया गया समझौता (MoU) पहले ही साइन हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस समझौते पर दोनों देश पहले ही डिजिटल रूप में साइन तक चुके हैं और शुक्रवार को औपचारिक रूप से समझौते पर साइन किए जाएंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने साफ किया कि ईरान को तत्काल किसी तरह की प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलने जा रही है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ G7 सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इस समझौते को लेकर कई अहम बातें कहीं। उनसे पूछा गया कि क्या इस समझौते के तहत ईरान को प्रतिबंधों में छूट दी जाएगी। इस पर ट्रंप ने सीधे शब्दों में जवाब दिया कि ईरान को छूट नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, 'नहीं, ऐसा नहीं है।'
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होर्मुज को लेकर क्या कहा?
इस समय पूरी दुनिया की नजर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई जिससे पूरी दुनिया में तेल संकट पैदा हो गया। इस पर ट्रंप ने कहा कि यह टोल फ्री है।
उन्होंने कहा, 'हमारी थोड़ी बहस हुई थी। यह टोल फ्री है और यही कारण है कि मुझे नहीं लगता कि हमें ज्यादा कुछ करने की जरूरत होगी। मुझे नहीं लगता कि कुछ देशों के लिए वहां एक-दो जहाज रखना बुरा विचार है। हमें पता नहीं चलता कि क्या हो जाए, लेकिन मुझे लगता है कि यह खुला रहेगा और वहां जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होती रहेगी। ट्रंप ने कहा कि आंशिक रूप से होर्मुज को खोल दिया गया है और डील पर साइन करने के बाद इसे पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।
कब सार्वजनिक होगी डील?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ समझौते पर साइन करने की बात तो कही है लेकिन अभी तक उन्होंने इस समझौते की कॉपी सार्वजनिक नहीं की है। इसको लेकर अमेरिका में भी उनके विरोधी सवाल कर रहे हैं। ऐसे ही एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि समझौते का टेक्स्ट सार्वजनिक किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने समय सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि शायद यह शुक्रवार को समझौते पर साइन होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।
लेबनान पर क्या बोले ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस दौरान लेबनान में जारी संघर्ष पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह देखना चाहते हैं कि क्या वह लेबनान के मामले को सुलझा सकते हैं, क्योंकि ऐसा लगता है कि यह कभी खत्म ही नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'यह उस काम के छोटा-सा हिस्सा है जो हम कर रहे थे। यह मुश्किल नहीं होना चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि हिजबुल्लाह से हमें थोड़ी बातचीत करनी होगी।
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ईरान को राहत नहीं
इससे पहले ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि अमेरिका ईरान को कुछ आर्थिक राहत दे सकता है और प्रतिबंधों में नरमी संभव है। हालांकि, G7 में ट्रंप के बयान ने इस संभावना पर फिलहाल विराम लगा दिया है। ट्रंप के ताजा बयान से यह स्पष्ट संकेत गया है कि अमेरिका फिलहाल किसी तत्काल आर्थिक राहत के पक्ष में नहीं दिख रहा। ट्रंप ने साफ कहा है कि आगे क्या होगा यह ईरान के व्यवहार पर निर्भर करेगा। अब पूरी दुनिया की नजर शुक्रवार को दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते पर है।
