नेपाल में दो समुदाय के बीच हिंसक झड़प की आग अब पूरे मधेस प्रदेश में फैल गई है। प्रशासन ने मधेस प्रांत के धनुषा और सिराहा जिलों में भी कर्फ्यू लगा दिया है। नेपाल के धनुषा, मोरंग, सुनसरी और सिराहा जिले में हिंसा और विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। सबसे खराब स्थिति सुनसरी जिले में है। यहां पुलिस के अलावा आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) की अतरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया।
सुनसरी जिला मधेस प्रांत से सटा, लेकिन कोशी प्रांत का हिस्सा है। यहां अब तक हिंसा में दो लोगों की जान जा चुकी है। सुरक्षाकर्मी समेत बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। सिराह जिले के गोलबाजार में पुलिस की गोली से मरने वाले व्यक्ति की पहचान गणेश यादव के तौर पर हुई है। इस बीच, हिंसा में जान गंवाने वाले लोगों को नेपाल सरकार 2 लाख नेपाली रुपये का मुआवजा देने और घायलों को 50 हजार नेपाली रुपये की सहायता देने का ऐलान किया।
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इन इलाकों में लगा कर्फ्यू
हिंसा की आग रविवार को सुनसरी जिले के कपतांगंज से भड़की थी। अब यह हिंसा मधेस प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम तक पहुंच चुकी है। मधेस प्रातं के धनुषा जिले के लक्ष्मीनिया हाटबाजार, बेलौनी रोड, नगराइन नगरपालिका, दूधमती पुल और जनकपुर और सिराहा जिले के गोलबाजार इलाके में कर्फ्यू लगाया गया है।
दंगाइयों ने 11 बाइक फूंकी
हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान गई है। मृतकों की पहचान जय प्रकाश मेहता, ओम प्रकाश मेहता और गणेश यादव की तौर पर हुई है। तीनों की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई। गोलबाजार इलाके में दंगाइयों ने 11 बाइकों पर आग भी लगा दी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सुनसरी जिले के सहायक मुख्य जिला अधिकारी पोषण लामिछाने ने बताया कि अब स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
पीएम बालेन ने की शांति बनाने की अपील
हिंसा के बीच नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुंग गुरुवार को सुनसरी जिले पहुंचे। उससे पहले उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन शाह के साथ अहम बैठक की। विपक्षी दलों ने नेपाल पुलिस की गोलीबारी की आलोचना की और पुलिस पर अत्यधिक बल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में सुनसरी जिले की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। हिंसा पर दुख जताया और लोगों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया।
कहां से भड़की हिंसा की आग?
हिंसा की आग नेपाल के सुनसरी जिले के कपतांगंज से भड़की। यहां 26 जुलाई यानी रविवार को कांवड़ यात्रा निकल रही थी। तभी धार्मिक झंडों को फहराने और लाउडस्पीकर बजाने पर दूसरे समुदाय ने आपत्ति जताई। बहस के बाद मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया। दोनों तरफ से पथराव होने पर पुलिसकर्मी समेत कई लोगों को चोट आई है। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए हवाई फायरिंग की।
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मगर उग्र भीड़ नहीं थमी। इसके बाद पुलिस ने अपनी बंदूक का मुंह सीधे दंगाइयों की तरफ खोल दिया। पुलिस की गोली लगने से ओम प्रकाश (24) मेहता की मौत हो गई। सुरक्षाकर्मी समेत एक दर्जन से अधिक लोगों को चोट आई है। गुरुवार को एक अन्य घायल जय प्रकाश मेहता ने भी दम तोड़ दिया।
नेपाल का सुनसरी जिला भारत से सटा है। 27 जुलाई से जिले में कर्फ्यू लागू है। स्थिति नहीं संभलने पर गुरुवार को प्रशासन ने जिले के 10 क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है। नए प्रतिबंधों के तहत धरना प्रदर्शन, सभाओं और चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर मनाही रहेगी।
