इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के साथ हुई घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि जितना उन्होंने सुना है उसके मुताबिक, इसमें ईरान का हाथ है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर ईरान के हाथ की पुष्टि हुई तो उसके खिलाफ तगड़ी कार्रवाई होगी। इस बीच सऊदी अरब ने आरोपी ओमानी पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया है। इस घटना में हीरो की तरह सामने आए कैप्टन स्मित माछर की स्थिति अब बेहतर बताई जा रही है और वह रिकवर भी कर रहे हैं। पूरी दुनिया में उनकी तारीफ हो रही है।
इस मामले में अभी भी आरोपी की पहचान उजागर नहीं की गई है। सिर्फ इतना पता है कि मुख्य आरोपी ओमान का नागरिक है। जांच एजेंसियां पता लगाने में जुटी हुई हैं कि इस हरकत के पीछे उसका क्या मकसद था। साथ ही, उससे अन्य लोगों के जुड़े होने की आशंकाओं के तहत भी जांच की जा रही है। फिलहाल, किसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
व्हाइट हाउस में गुरुवार को जब पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या उन्हें हमले के पीछे रहे को-पायलट और ईरान के बीच किसी संबंध के बारे में जानकारी दी गई है? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘हम इस पर अभी काम कर रहे हैं। मैं जो सुन रहा हूं, उसके आधार पर कहूंगा कि जवाब हां है लेकिन हम इस पर अभी काम कर रहे हैं।' यह पूछे जाने पर कि यदि हमले के पीछे ईरान का हाथ पाया गया तो क्या अमेरिका ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेगा, ट्रंप ने कहा, ‘हां, उन पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चिंता मत कीजिए।’
यह भी पढ़ें: फ्लाईदुबई के विमान को कैसे चार इजरायलियों ने गिरने से बचाया?
ईरान को आड़े हाथ लेते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आप उनसे ही पूछिए। वे जानते हैं कि क्या हुआ। उन पर बहुत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’
अधिकारिओं ने क्या-क्या बताया?
संयुक्त अरब अमीरात से इजरायल के तेल अवीव जा रहे 174 यात्रियों वाली फ्लाइट में सवार इजरायली यात्रियों ने बताया कि खून से लथपथ भारतीय कैप्टन स्मित माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोला था जिसके बाद वे अंदर गए। कॉकपिट के अंदर यात्रियों ने को-पायलट से हाथापाई करके उसे काबू किया और विमान को स्थिर करने में मदद की। विमान इतनी तेजी से नीचे आया था कि उसका राडार भी क्षतिग्रस्त होकर अलग हो गया। घटना के दौरान मदद करने वाले यात्रियों में शामिल आसफ राजुआन ने इजराइल के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से साझा किए गए एक नए बयान में कहा, ‘हम खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, हवा में लटके हुए थे और मुझे नहीं पता था कि किस ओर रुख करूं लेकिन यह सब जीवित रहने की सहज प्रवृत्ति थी।’
इस मामले की जांच के बारे में एक अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध ओमान का नागरिक है और हिरासत में है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारी इजराइल समेत कई देशों के साथ मिलकर हमले का मकसद पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अधिकारी के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और ओमान भी जांच में शामिल हैं। गोपनीयता की शर्त पर बात करने वाले अधिकारी ने इजरायल की जांच में भागीदारी का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘आतंकवाद से लेकर मानसिक विकार तक सभी संभावित परिस्थितियों की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।’
यह भी पढ़ें: 'असली हीरो हैं कैप्टन स्मित', PM मोदी, नेतन्याहू और डोनाल्ड ट्रंप ने की तारीफ
एक अन्य क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि इजराइली खुफिया और सुरक्षा अधिकारी सऊदी अरब में को-पायलट से पूछताछ की प्रक्रिया में शामिल होंगे। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी। सऊदी अरब के इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं लेकिन दोनों देशों के बीच वैकल्पिक माध्यमों से लंबे समय से सुरक्षा और खुफिया सहयोग होता रहा है। उसी फ्लाइट में मौजूद रहे शोटा मुसायेव नाम के एक शख्स ने घटना का वीडियो बनाया था। वीडियो में को-पायलट घुटनों के बल बैठा और उसके हाथ पीछे बंधे हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, को-पायलट का नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बेंजामिन नेतन्याहू ने क्या बताया?
यह पूछे जाने पर कि क्या घटना में ईरान की संलिप्तता का कोई संकेत है, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘फॉक्स न्यूज’ से कहा, ‘यह कहना अभी जल्दबाजी होगी।’ उन्होंने सीएनएन से कहा कि इजरायल को घटना के संबंध में कोई विशेष चेतावनी नहीं मिली थी। नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी बात की और वह इस बात पर सहमत हुए कि इजरायल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा। बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल के दिनों में बढ़े हुए सुरक्षा संबंधी खतरों को लेकर चेतावनी दी थी।
