पाकिस्तान के शेखूपुरा में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना आतंकी हाफिज सईद के बेटे तलहा सईद ने भारत के खिलाफ नफरती भाषण दिया। उसने जिहाद जारी रखने की कसम खाई। सेना अध्यक्ष आसिम मुनीर की जमकर तारीफ की। उसका कहना है कि जब तक जान और दम रहेगी तब तक जिहाज जारी रहेगा। तलहा ने आसिम मुनीर की तारीफ की और कहा कि वे एक ऐसे सेना प्रमुख है, जो ईमान, तकवा और जिहाद को दोबारा जिंदा कर रहे है।

 

सोशल मीडिया पर तलहा सईद का वीडियो वायरल है। इसमें वह कह रहा है, 'जब तक हम जिंदा है। हम में दम है... तब तक हम यह जिहाद करते रहेंगे। हम यह कुर्बानियां पेश करते रहेंगे। जो प्रोपेगैंडा करते हैं, वे करते रहे। जो मुखालफत करते हैं, वह करते रहे। मैं इस पर अल्लाह का शुक्र अदा करता हूं कि उन्होंने पाकिस्तान को ऐसा आर्मी चीफ दिया जो कुरान का हाफिज है। वे ईमान, तकवा और जिहाद को दोबारा जिंदा कर रहा है।'

 

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तलहा ने आगे भारत के खिलाफ नफरती भाषण दिया। उसने कहा कि भारत में 500 साल तक मुस्लिमों का शासन था। उसने कहा, 'तीसरा खित्ता वह है, जिसमें हम सब मौजूद हैं। जिसे कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने मुस्लिम इंडिया कहा था, जो कि वक्त में अज़ीज़ पाकिस्तान है।'

 

 

 

 

आगे कहा, 'इस हिंद में भी मुसलमान 500 से साल हुक्मरान थे। आज किस बुनियाद पर दिल्ली पर बैठकर 'पाकिस्तान दुश्मन' हुक्मरान बातें करते हैं। क्या वो तारीख भूल गए हैं कि दिल्ली किसका था। ये सारे हिंद के इलाके किसके थे।' 

 

बता दें कि लश्कर-ए-तैयबा एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है। इसका सरगना हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टरमाइंड है। पिछले लंबे समय से हाफिज सईद सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाई पड़ा है। तलहा के बयान से स्पष्ट होता है कि आतंकी संगठन की कमान उसके हाथ में आ गई है।

 

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उसका नफरती भाषण आसिम मुनीर के उस भाषण से भी मिलता है, जिसमें मुनीर ने मुस्लिमों को हिंदुओं से अलग बताया था। कुछ समय पहले भी डीजी आईएसपीआर ने भी हिंदुओं को काफिर कहकर संबोधित किया था।

 

कुछ समय पहले ही मौलाना फजलुर रहमान ने आसिम मुनीर के खिलाफ मोर्चा खोला था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सेना चाहती है कि दहशतगर्दी और जिहाद को दोबारा जिंदा किया जाए, लेकिन रहमान ने इससे इनकार कर दिया था। अब सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान की सेना ने तलहा सईद से हाथ मिला लिया है।