सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हुए रक्षा समझौते पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी है। धमकी भरे स्वर में ईरान के एक सांसद ने कहा कि इस कागजी समझौते से सऊदी अरब को कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी। ईरानी सांसद ने कहा कि सऊदी अरब को अपनी नीति सुधारनी चाहिए, ताकि दूसरों के सामने गिड़गिड़ाने की जरूरत न पड़े।
अपने एक्स अकाउंट पर ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने लिखा, 'सऊदी अरब को यह समझना चाहिए कि तुर्की और पाकिस्तान के साथ कागजी समझौते से उन्हें सुरक्षा नहीं मिलेगी। ठीक वैसे ही जैसे वर्षों तक अमेरिकियों पर एकतरफा निर्भर रहने से उन्हें सुरक्षा नहीं मिली।'
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ईरानी सांसद ने आगे कहा, 'अपनी नीतियां सुधारें ताकि आपको सुरक्षा के लिए दूसरों के सामने गिड़गिड़ाना न पड़े।' बता दें कि रेजाई का बयान इसलिए भी अहम हो जाता है, क्योंकि वह ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के सदस्य भी हैं।
हूतियों ने भी दी धमकी
ईरान की ही तर्ज पर हूती विद्रोहियों ने सऊदी सेना को धमकी दी है। हूतियों के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हिजाम अल-असद ने शुक्रवार को कहा, 'हमारी भूमि पर आक्रमणकारी सऊदी सेनाओं, उनके भाड़े के सैनिकों और उनके शिविरों के लिए कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी।'
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सऊदी अरब पर बड़े हमले का प्लान
इस बीच खबर है कि सऊदी अरब अलर्ट पर है। उसे आईआरजीसी की तरफ से मिलिशिया के माध्यम से समन्वित हमलों की आशंका है। इराकी सरकार ने भी खुफिया जानकारी के आधार पर इसकी पुष्टि की। इराकी सरकार के मुताबिक कुछ समूह सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन और सीरिया पर हमले का प्लान बनाने में जुटे हैं। बगदाद ईरान समर्थित इन मिलिशियाओं के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उधर, सऊदी सेना ने भी कहा है कि अगर हूतियों ने हमला किया तो सऊदी सैन्य गठबंधन चुप नहीं बैठेगा।
