नेपाल के हिमालयी जिले मनांग में लगातार बारिश हो रही है। इस बीच कई जगहों पर लैंडस्लाइड भी हुआ है और मनांग में एक जगह भारी लैंडस्लाइड मार्श्यांगदी नदी में जा गिरा, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ और मलबे के साथ तेज बहाव की आशंका पैदा हो गई। इसको देखते हुए अब प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। संभावित खतरे को देखते हुए मनांग के लोग अपने घरों को छोड़कर जंगल में रहने चले गए और सोमवार सुबह बारिश कम होने और नदी का जलस्तर घटने के बाद ही अपने घरों में लौटे।
काठमांडु पोस्ट की रिपोर्ट में एक नागरिक के हवाले से लिखा गया है कि वे जंगल में एक गुफा में रात बिताने के बाद सोमवार सुबह घर लौटे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि नदी में मलबा गिरने के बाद वे जंगल की ओर भागे थे और नदी का जलस्तर कम होने के बाद सभी घर लौट आए।
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नदी में जा गिरा मलबा
यह घटना मनांग के चामे क्षेत्र की बताई जा रही है। जिला प्रशासन के अनुसार, रविवार शाम करीब 7 बजे पहाड़ से लैंडस्लाइड का मलबा मार्श्यांगदी नदी में जा गिरा। इसके कारण कुछ समय के लिए नदी का प्रवाह काफी हद तक बाधित हो गया। प्रशासन के मुताबिक उस समय लैंडस्लाइड रुक नहीं रहा था और नदी के पास लगातार मलबा गिरने की जानकारी प्रशासन को मिल रही थी। इसके साथ ही घट्टेखोला से आई बाढ़ अपने साथ मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबा लेकर मार्श्यांगदी में पहुंची, जिससे नदी का रास्ता बंद हो गया और पानी जमा होने लगा। इसके चलते चामे में एक अस्थायी झील जैसी स्थिति बन गई।
पानी से बढ़ा खतरा
नदी के आंशिक रूप से रुकने के बाद सबसे बड़ी चिंता यह थी कि ऊपर की तरफ पानी लगातार जमा होता रहा तो किसी समय मलबे का बांध टूट सकता है। ऐसी स्थिति में जमा पानी अचानक नीचे की ओर तेजी से बह सकता है और नदी के किनारे बसे इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा था।
इसी आशंका को देखते हुए नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी(NDRRMA) ने मार्श्यांगदी नदी के निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी थी। लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने को कहा गया।
लोगों में डर
नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के बाद लोगों में डर है। ऐसे में प्रशासन की चेतावनी के बाद लोग सतर्क हो गए और कई इलाकों में लोगों ने सुरक्षित स्थानों का रुख किया। स्थिति बिगड़ने की आशंका के बीच चामे बाजार और आसपास के इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर गए। कुछ लोग रात में जंगल और ऊंचे इलाकों में शरण लेने पहुंचे। काठमांडू पोस्ट के अनुसार, सोमवार सुबह मौसम साफ होने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद कई परिवार अपने घरों की ओर लौटने लगे। कुछ गांवों में भी मार्श्यांगदी के बढ़े हुए पानी का असर पड़ा।
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धीरे-धीरे हालात सुधरे
सोमवार को मार्श्यांगदी में बना पानी का जमाव कम होने लगा। चामे में बनी झील का जलस्तर रविवार की तुलना में करीब एक मीटर नीचे आ गया और नदी का पानी का बहाव कुछ हद तक ठीक हो गया। नदी में पानी बढ़ने के बाद डूबा पुल भी फिर से दिखाई देने लगा है। हालांकि, अभी भी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और लगातार हो रही बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
