लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को अज्ञात प्रक्षेपात्र से निशाना बनाया गया है। हमले के बाद टैंकर पर आग लग गई है। ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोमवार को यह जानकारी साझा की। सऊदी अरब के पोर्ट शहर यानबू से करीब 63 समुद्री मील दूर टैंकर को निशाना बनाया गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
एजेंसी ने बताया कि UKMTO को सऊदी अरब के यानबू से 63 नॉटिकल मील पश्चिम में एक घटना की रिपोर्ट मिली है। कंपनी सिक्योरिटी ऑफिसर ने बताया कि एक टैंकर पर किसी अज्ञात चीज से हमला किया गया है। हमले के बाद जहाज के मेन डेक पर आग लग गई। सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और उनकी गिनती हो चुकी है। पर्यावरण पर किसी असर की भी कोई खबर नहीं है। जहाजों को सावधानी से आगे बढ़ने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना UKMTO को देने की सलाह दी जाती है।
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ब्रिटिश फर्म का दावा- मिसाइल दागी गई
एक अन्य ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वैनगार्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि टैंकर पर सऊदी अरब का झंडा लगा था। जहाज पर मिसाइल से हमला किया गया। अभी तक किसी ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि आशंका जा रही है कि यमन के हूती विद्रोहियों ने ही टैंकर को निशाना बनाया है। 20 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ लाल सागर में समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था। इसके बाद कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा चुका है।
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पहले भी हमले कर चुके हूती विद्रोही
9 अगस्त को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाजान क्षेत्र में स्थित अरामको के प्लांट पर हमला किया था। इसके बाद 20 अगस्त को हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्त याह्या सरी ने दावा किया कि सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में एक एयरपोर्ट और अरामको के प्लांट को दो ड्रोन से निशाना बनाया गया था। 13 जुलाई को तेहरान से सना आ रहे विमान के लैंडिंग से पहले ही सऊदी समर्थक सैन्य बलों ने एयरपोर्ट पर भीषण बमबारी की थी।
