अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की कोशिश की गई है। शनिवार को व्हाइट हाउस के पास अचानक गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं। दर्जनों गोलियां चलीं, जिसके बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया।
घटना व्हाइट हाउस के ठीक बाहर 17 स्ट्रीट और पेंसिल्वेनिया एवेन्यू के कोने पर हुई। सीक्रेट सर्विस ने एक व्यक्ति पर गोली चलाई, जिसे संदिग्ध बताया जा रहा है। संदिग्ध की मौत हो गई है। गोली लगने के बाद वह जख्मी हो गया था, अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान उसकी मौत हो गई।
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हमलावर ढेर, आम नागरिक घायल
सीक्रेस सर्विस की फायरिंग में एक आम आदमी भी घायल हुआ है। हमलावर की मौत हो गई है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर काश पटेल ने बताया कि उनकी टीम सीक्रेट सर्विस की मदद कर रही है।
काश पटेल, डायरेक्टर, FBI:-
व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना में हम मौके पर हैं और जांच कर रहे हैं।
हमले के वक्त कहां थे डोनाल्ड ट्रंप?
हमले के वक्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस में ही मौजूद थे। गोलीबारी की खबर लगते ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे। रिपोर्टर्स को व्हाइट हाउस के प्रेस ब्रीफिंग रूम में छिपने को कहा गया।
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कैसे ढेर हुआ हमलावर?
सीक्रेट सर्विस के जवान राइफल लेकर नॉर्थ लॉन पर घूमते दिखे। बाद में शाम करीब 6:45 बजे ईटी लॉकडाउन हटा लिया गया। यह घटना पिछले महीने व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी के एक महीने बाद हुई है। अभी तक इस गोलीबारी की वजह सामने आई है।
हमलावर कौन था, क्या पता चला?
हमलावर का नाम नासिर बेस्ट है, उसकी उम्र 21 साल थी। अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने उसे मार गिराया। बेस्ट ने कथित तौर पर रिवॉल्वर से अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई। गोलीबारी में एक आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सीक्रेट सर्विस के किसी कर्मी को चोट नहीं आई।
बेस्ट मानसिक रूप से परेशान था और वह खुद को जीसस क्राइस्ट मानता था। उसका व्हाइट हाउस परिसर के आसपास पहले भी कई बार घुसपैठ का प्रयास करने का इतिहास रहा है। जून 2025 में उसे 'भगवान' होने का दावा करते हुए गिरफ्तार किया गया था, मानसिक स्वास्थ्य जांच के लिए भर्ती कराया गया था। जुलाई में भी व्हाइट हाउस परिसर में घुसने की कोशिश करने पर उसे कोर्ट से दूर रहने का आदेश दिया गया था।
