पिछले हफ्ते लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली हमले के बाद तेल अवीव और तेहरान के बीच तनाव दोबारा बढ़ गया था। ईरान ने तुरंत इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया। जवाब में इजरायल ने तेहरान में कई ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिका ने भी इजरायल का साथ दिया। इसके बाद ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ट्रंप के दबाव के बाद ईरान और इजरायल ने एक-दूसरे पर हमलों को तुरंत रोक दिया।

 

मगर इन हमलों में एक अलग पैर्टन देखने को मिला। पिछले संघर्ष में जहां ईरान ने सबसे अधिक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को निशाना बनाया। उसके बाद कतर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और जॉर्डन पर ड्रोन और मिसाइल दागी। हालांकि पिछले हफ्ते के संघर्ष में ईरान ने यूएई को वैसे निशाना नहीं बनाया, जैसे उसने फरवरी और मार्च की जंग में बनाया था। अब सवाल उठ रहा है कि ऐसा क्या हुआ कि ईरान ने यूएई के प्रति अपना रुख नरम कर कर लिया है।

 

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पिछले हफ्ते बढ़े तनाव के वक्त ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। दुनियाभर को आशंका था कि यूएई निशाने पर होगा, लेकिन मामला पिछले की अपेक्षा शांत रहा। खबर आ रही है कि यूएई ने ईरान को अरबों डॉलर की रकम चुकाई है, ताकि उस पर हमला न हो सके। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया। यूएई के इस कदम से दुनिया हैरान, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में वह इकलौता देश था, जिसने ईरान के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की। अमेरिका पर ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का दवाब भी बनाया।

ईरान को पैसा क्यों दे रहा यूएई?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात 20 अरब डॉलर का भुगतान ईरान को करेगा। करीब 3 अरब डॉलर की राशि दी जा चुकी है।रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के जुड़े लोगों ने यूएई का दौरा किया। इन अधिकारियों की मुलाकात यूएई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और अबू धाबी के उप शासक शेख तहनून बिन जायद अल-नाहयान से हुई। तहनून के ही गेस्ट हाउस में इनके रुकने की व्यवस्था की गई थी। 

ईरान से बातचीत करने में जुटा यूएई

उधर, ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यूएई का एक प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंचा है। यह प्रतिनिधिमंडल ईरानी अधिकारियों के साथ तनाव कम करने और यूएई पर हमले को रोकने पर चर्चा करेंगे। 

 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि सीजफायर के बदले ईरान को भुगतान करने का यह तरीका हो सकता है, क्योंकि ईरान ने सीजफायर की शर्तों के तहत 300 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग की है।  यूएई के भुगतान करने से ट्रंप को एक फेस सेविंग मिल जाएगा कि हमने कोई भुगतान नहीं किया है। 

अप्रैल में यूएई पर सबसे घातक हमला

यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल 2026 तक ईरान ने 2793 ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया। हालांकि अधिकांश को हवा में ही मार गिराया गया, लेकिन इनमें से कुछ ने दुबई और अबू धाबी में न केवल तबाही मचाई, बल्कि लोगों में दहशत भर दिया। 

 

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किस-किस से किया अटैक

537 बैलिस्टिक मिसाइल
26 क्रूज मिसाइल
2,256 ड्रोन 

 

3 जून: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जून महीने में दोबारा तनाव शुरू हुआ। 3 जून को ईरान ने बहरीन पर हमला किया। एयर डिफेंस सिस्टम ने तीन मिसाइलों और कई ड्रोन को तबाह कर दिया।

 

10 जून: बहरीन, कुवैत और जॉर्डन को निशाना बनाकर ईरान ने बड़ी संख्या में मिसाइलें और ड्रोन दागें। हालांकि इनमें से भी ज्यादातर को हवा में ही मार गिराया गया। कुछ ड्रोन सटीक निशाने पर लगे। कुवैत सिटी इंटरनेशल एयरपोर्ट पर हमले में एक व्यक्ति की जान गई थी और कई अन्य घायल भी हुए थे।

 

5-6 जून: अमेरिका सेना के सेंट्रल कमांड के मुताबिक बहरीन और कुवैत पर तेहरान ने सात मिसाइलों से हमला किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चार ड्रोनों को तबाह किया गया। हालांकि ईरान की सेना और आईआरजीसी ने इस बार यूएई के खिलाफ उतनी आक्रामता नहीं दिखाई। उनकी जगह बहरीन और कुवैत को अधिक निशाना बनाया।