अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और बढ़ाने पर विचार करने में जुटे हैं। गुरुवार को अमेरिकी सेना ने लगातार छठवीं रात ईरान पर बमबारी की। अबकी बार पुलों, हवाई अड्डों, बिजली केंद्रों और रेलवे स्टेशनों को नुकसान पहुंचाया। बदले में ईरान ने कतर, कुवैत, बहरीन के अलावा अपनी मिसाइलों का मुंह सीरिया की तरफ मोड़ दिया है। 

 

पांच महीने के भीतर दूसरी बार जंग पूरे क्षेत्र में फैलती दिख रही है। ताजा झड़प के बीच अमेरिका के रडार में ईरान का एक पहाड़ी इलाका गया गया। संजीदा तौर पर इस पर हमला करने का विचार चल रहा है। इसका नाम पिकैक्स माउंटेन है। अमेरिका हर हाल में इसे तबाह करना चाहता है, क्योंकि यह वही जगह है, जहां भविष्य के गर्त में एक और युद्ध का बीज बोया जा सकता है। आइये समझते हैं कि इस इलाके का रणनीतिक महत्व क्या है, ईरान यहां ऐसा क्या करना चाहता है, जिससे न केवल अमेरिका, बल्कि इजरायल को भी डर लगता है।

 

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अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अंडरग्राउंड पिकैक्स माउंटेन परिसर पर अटैक करने पर गहनता से विचार विमर्श करने में जुटे हैं। ट्रंप खुले तौर पर भी पिकैक्स माउंटेन को तबाह करने की धमकी दे चुके हैं। माना जाता है कि यह ईरान का सबसे संवेदनशील रणनीतिक केंद्र है। यहां की सुरक्षा भी सबसे व्यापक है। पिकैक्स माउंटेन परिसर किलाबंद है।

अमेरिका और इजरायल को क्या डर सता रहा?

साल 2020 में ईरान के नतांज भूमिगत परमाणु संवर्धन संयंत्र में एक रहस्यमयी घटना घटी। एडवांस्ड सेंट्रीफ्यूज असेंबली सुविधा में धमाकों के बाद आग लग गई। नतीजा यह हुआ कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम वर्षों पीछे चला गया। 2021 में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मुखिया अली अकबर सालेही की निगाह पिकैक्स माउंटेन पर पड़ी। उन्होंने तय किया कि इन्हीं पहाड़ियों के नीचे सुरंगों में संवेदनशील उपकरणों को रखा जाएगा। अमेरिका और इजरायल के खुफिया अधिकारियों का मानना है कि यही पहाड़ी इलाका ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पुनर्जन्म स्थल बनेगा। अगर ईरान को परमाणु बम बनाने से रोकना है तो इस जगह को तबाह करना जरूरी है।

 

 

हम पिकैक्स माउंटेन पर कड़ी नजर रख रहे हैं। हमें वहां कोई गतिविधि नजर नहीं आ रही है। परमाणु नीति के बारे में उनकी स्थिति अच्छी नहीं है। जब भी हमें इसके बारे में पता चलता है, हम उसे उड़ा देते हैं। इसलिए वे इस बारे में बात करना पसंद नहीं करते। लेकिन हम शायद जल्द ही पिकैक्स पर हमला करेंगे। - डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति।

कहां पर पिकैक्स माउंटेन?

ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 220 किमी दक्षिण में पिकैक्स माउंटेन स्थित है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को शक है कि ईरान यहां अघोषित यूरेनियम संवर्धन सुविधा बनाने में जुटा है। यहां पहाड़ी के नीचे दो सुरंग परिसर हैं। इनकी गहराई इतनी है कि आसानी से नष्ट भी नहीं किया जा सकता है। जमीन के भीतर यह परिसर लगभग  5,000 वर्ग मीटर तक फैला हो सकता है।

 

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रणनीतिक महत्व क्या है?

दो किमी की दूरी पर ही नतान्ज परमाणु संयंत्र है। इस प्लांट पर अमेरिका पिछले साल और अबकी बरस दो बार हमला कर चुका है। नतांज का एक यूरेनियम संवर्धन संयंत्र जमीन के ऊपर और दूसरा जमीन के भीतर है। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी के मुताबिक जमीन के ऊपर मौजूद प्लांट तबाह हो चुका है। जबकि भूमिगत प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि अमेरिकी थिंक-टैंक इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी के मुताबिक अभी तक पिकैक्स माउंटेन के भीतर निर्माणाधीन सुरंग सुविधा को अभी तक कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

 

यह पूरा परिसर ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है। सुरंगों को इतनी गहराई में बनाया गया कि अमेरिका अपने सबसे शक्तिशाली बंकर बस्टर बम से भी नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। इन सुरंगों को सैकड़ों मीटर ठोस ग्रेनाइट चट्टान के नीचे गहराई में बनाया गया। यहां तक किसी बम का पहुंचना लगभग नामुमकिन है। यही कारण है कि जमीनी हमला ही सबसे बेहतर विकल्प है। मगर माना जा रहा है कि उससे पहले अमेरिका यहां भीषण बमबारी कर सकता है, ताकि जमीनी बलों को उतारने की जमीन तैयार की जा सके।