यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने अलग करने वाले स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर के उत्तरी ओर स्पेन है और दक्षिण दिशा में मोरोक्को है। स्पेन का जो इलाका इस सीमा पर पड़ता है उसका नाम सेउता (Ceuta) है। अब पड़ोसी देश मोरोक्को से हजारों प्रवासी लोग अचानक स्पेन के सेउता में घुसने लगे हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि स्पेन ने सेउता में आर्मी तैनात करने का एलान कर दिया है। गुरुवार को सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी बेबस हो गए और हजारों अवैध प्रवासी जबरन स्पेन में घुसने लगे। यह घटना बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पहले ही प्रवासियों की समस्या से परेशान स्पेन के सामने इस बार थोक में लोग आ गए हैं। अवैध तरीके से घुस रहे इन लोगों को रोकने की कोशिश में स्पेन की ओर से फायरिंग भी की गई है और अभी तक कम से कम 9 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
स्थिति काबू में करने के लिए स्पेन की ओर से हजारों सैनिकों को सेउता भेजा जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने मदद की मांग की है क्योंकि मोरोक्को की ओर से आ रहे अवैध प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोई पानी में कूदकर सेउता में घोषित कर रहा है तो कोई दीवार फांदकर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई लोगों की मौत पानी में डूब जाने की वजह से भी हुई है। अब स्पेन की सरकार ने कहा है कि सेना अब सिविल गार्ड की मदद करेगी ताकि सेउता में सुरक्षा व्यवस्था बरकरार रखी जा सके। वहां के हालात देखने के लिए स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और आंतरिक मामलों के मंत्री फर्नांडो ग्रांड-मरलास्का शुक्रवार को सेउता पहुंचे।
कैसे शुरू हुआ हंगामा?
दरअसल, इसी महीने स्पेन की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सेउता या मेलिला पहुंचने की कोशिश करने वाले जिन प्रवासियों को समुद्र के पास रोका गया है, उन्हें यूं ही मोरोक्को नहीं भेजा जा सकता है। इसके बाद से ही धीरे-धीरे पिछले कई दिनों सेउता पहुंचने वाले लोगों को संख्या बढ़ने लगी थी। हालांकि, गुरुवार को घटना इसी वजह से हुई या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। इन लोगों को सीमा पर रोका गया तो ये वहीं जमा होने लगे। देखते ही देखते कई सारे लोग समुद्र में उतकर स्पेन की सीमा में दाखिल होने लगे।
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यह तरीका आसान लगा तो गुरुवार को हजारों लोग समुद्र में कूद गए और तैरकर या नाव लेकर स्पेन (सेउता) में दाखिल हो गए। कुछ की समय में सेउता के बीच पर रबर रिंग और फ्लिपर के सहारे लोग घुसते दिखने लगे। हजारों लोगों के अचानक घुसने से सेउता की कानून व्यवस्था खतेर में पड़ गई है। इसके बारे में सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि एक सीमा के बाद बॉर्डर पोस्ट को संभाला नहीं जा सका। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्पेन की सरकार फैसले लेने में देरी कर रही है जिसके चलते स्थिति बिगड़ रही है।
सेउता के नेता जुआन जीसस विवास ने भी मांग की है कि स्पेन सरकार इसमें तुरंत हस्तक्षेप करे। सेउता में सिविल गार्ड ऑफिसर्स के प्रतिनिधि राचिद सबीही ने कहा है, 'स्थिति बेहद खराब है। व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।' हालांकि, स्पष्ट तौर पर संख्या नहीं बताई गई है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम 3 हजार लोग कुछ घंटों में ही स्पेन में घुस चुके हैं। सेउता के नेता जुआन जीसस विवास ने कहा था कि पहले ही लगभग 300 प्रवासी हर दिन सेउता आ रहे थे जिसके चलते रिसेप्शन सेंटर पर भीड़ लगी रहती थी। अब वह मांग कर रहे हैं कि नेशनल इमरजेंसी घोषित की जाए और सेना लगाकर इन लोगों से निपटा जाए।
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भौगोलिक स्थिति है बड़ा कारण
साल 1884 में जब अफ्रीका के कई हिस्सों को यूरोप के देशों में आपस में बांट लिया तभी कई स्पेन के कब्जे में आ गए। इसी क्रम में सेउता और मेलिला जैसे इलाके स्पेन के हिस्सा आए लेकिन ये स्पेन के मूल भूभाग से अलग हैं। नक्शे को देखेंगे तो भले ही सेउता स्पेन का हिस्सा हो लेकिन उसके और स्पेन के मेनलैंड के बीच में स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर है। इसी तरह मेलिला भी भौगोलिक तौर पर स्पेन से अलग है लेकिन मोरोक्को से सटा हुआ है।
इन दोनों शहरों को मोरोक्को से अलग करने के लिए स्पेन ने तगड़ी बाड़बंदी कर रखी है लेकिन ऐसे कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें यह देखा गया है कि ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं और हजारों लोग स्पेन में घुस गए हैं।
स्पेन में क्यों घुसने लगते हैं मोरोक्को के लोग?
स्पेन के लिए यह समस्या नई नहीं है। वह दशकों से अवैध प्रवासियों से परेशान रहा है। इसका एक बड़ा कारण दोनों देशों की आर्थिक स्थिति है। स्पेन एक अच्छी अर्थव्यवस्था वाला देश है तो मोरोक्को उशकी तुलना में गरीब देश है। स्पेन में प्रति व्यक्ति GDP लगभग 38 हजार डॉलर है तो मोरोक्को में की प्रति व्यक्ति GDP 5 हजार डॉलर से भी कम है। मोरोक्को में सिर्फ 39.1 प्रतिशत लोग ही कुछ न कुछ काम करते हैं। उस काम के लिए भी मोरोक्को में लगभग 613 डॉलर हर महीने मिलते हैं जबकि स्पेन में औसत सैलरी लगभग 2800 डॉलर है।
ये कुछ कारण हैं जिनके चलते लोग मोरोक्को छोड़कर स्पेन में बस जाना चाहते हैं। नौकरी और जीवन के बेहतर मौके, बेहतर सुरक्षा और कई अन्य कारणों के चलते हर साल मोरोक्को के हजारों लोग स्पेन में घुसने की कोशिश करते रहते हैं।
स्पेन और मोरोक्को के बीच समझौता
स्पेन ने अब यह भी बताया है कि अवैध रूप से सेउता में घुसे प्रवासियों को वापस भेजने के लिए मोरोक्को से उसका एक समझौता हुआ है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि इन लोगों को कब तक भेजा जाना है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में स्थित मोरोक्को के दूतावास ने कहा है कि कई क्रिमिनल नेटवर्क ऐसे हैं जो प्रवासियों को जबरन भेज रहे हैं और इसी की आड़ में इंसानों की तस्करी कर रहे हैं। मोरोक्को का कहना है कि वह इस तरह की गतिविधि का बिल्कुल समर्थन नहीं करता है।
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बता दें कि साल 2021 में भी सेउता में इसी तरह की एक घटना हुई थी। तब सिर्फ 2 दिन में 8 हजार से ज्यादा अवैध प्रवासी सेउता में घुस गए थे। तब आरोप लगे थे कि स्पेन से चल रहे तनाव के चलते मोरोक्को ने सीमा पर नियंत्रण कम कर दिया था जिससे अवैध प्रवासियों के घुसने में आसानी हुई थी।
