दिल्ली के जंतर-मंतर पर कल यानी 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी है। इस बीच महाराष्ट्र से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे युवाओं को मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही सीजेपी से जुड़े लोग लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उनके कार्यकर्ताओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में हिरासत में लिया जा रहा है। 

 

रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार शाम गोवा एक्सप्रेस के इटारसी पहुंचने पर पुलिस ने छात्राओं को ट्रेन से उतारा और एक स्थानीय होटल के बैंक्वेट हॉल में रखा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इस घटना के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं जिसमें कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में लेकर जा रही है। 

 

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दिल्ली में मेट्रो बंद

इस प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली में 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा जाएगा। इसको लेकर दिल्ली के संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रांसपोर्ट रेंज) की ओर से जानकारी दी गई है कि जंतर-मंतर और अन्य जगहों पर प्रस्तावित प्रोटेस्ट और भीड़ के हंगामे की आशंका को देखते हुए राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा जाएगा। जानकारी के अनुसार, 9 अक्तूबर की रात नौ बजे से यह स्थिति लागू हो जाएगी और दूसरे दिन यानी 10 अक्तूबर को स्थित सामान्य होने तक जारी रहेगी। 

 

कई ट्रेने रद्द

देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। प्रस्तावित प्रदर्शन से ठीक पहले रेलवे ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। रेलवे के मुताबिक, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच इन स्टेशनों पर पहुंचने वाली निर्धारित ट्रेनों पर इसका असर पड़ेगा। इनमें बिहार और उत्तर प्रदेश से दिल्ली आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें भी शामिल बताई गई हैं।

कोर्ट पहुंचा मामला

कल के प्रदर्शन को लेकर अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले पुलिस को जानकारी देनी होती है लेकिन सीजेपी ने ऐसा नहीं किया था। इस मामले कपिल सिब्बल पक्ष रख रहे हैं। 

 

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सीजेपी ने क्या कहा?

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सीजेपी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। सीजेपी के अभिजीत दिपके ने कहा, 'हमारा आंदोलन होकर रहेगा। जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह है। अनुच्छेद 19 विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है तो, फिर इजाजत लेने की क्या जरूरत है? क्या उन्होंने 13 करोड़ वोट हटाने से पहले इजाजत ली थी? आप चाहते हैं कि हम चुनाव में धांधली करने वालों के खिलाफ आवाज न उठाएं? ऐसा नहीं हो सकता। देश ऐसे नहीं चल सकता। देश को बचाने के लिए हम विरोध प्रदर्शन करेंगे।' अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील कर रहे हैं।