कई दिनों से चर्चा थी कि बैंककर्मी एक लंबी हड़ताल पर जाने वाले हैं। इसी के चलते इस बार रविवार को बैंक भी खुले रखे गए थे। अब आखिरी वक्त में यह हड़ताल वापस ले ली गई है। इससे पहले इसी हड़ताल को ध्यान में रखते हुए इस बार रविवार को भी बैंक खुले रखे गए थे क्योंकि बैंककर्मी हफ्ते में 5 दिन काम की मांग को लेकर 28 सितंबर यानी सोमवार से बुधवार तक हड़ताल करने वाले थे। हड़ताल शुरू होने से ठीक पहले इंडियन बैंक्स असोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की एक मीटिंग हुई और इसी मीटिंग में फैसला हुआ कि हड़ताल नहीं होगी। यह फैसला लोगों को होने वाली समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
रोचक बात है कि अभी तक सरकार ने बैंककर्मयिों की हड़ताल को स्वीकार नहीं किया गया है। बैंक कर्मचारी संघठनों ने दावा किया था कि पांच दिन के काम की पर सहमति बन गई है। हालांकि, सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज कर दिया गया है। अब बैंक संगठनों ने अपने सर्कुलर में कहा है कि 8 मार्च 2024 की मीटिंग के मिनट्स में जिन मुद्दों का जिक्र बाकी है उन सब चर्चा की गई जाएगी और उन्हें जल्दी निपटाने की कोशिश की जाएगी।
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बैंककर्मियों ने क्या बताया?
हड़ताल वापस लेने का एलान करते हुए UFBU ने अपने सर्कुलर में लिखा है, 'बाकी बचे शनिवारों को छुट्ठी घोषित करने की मांग पर चर्चा करने और सभी स्टेक होल्डर्स औऱ और ग्राहक जिसे स्वीकार कर सकें, वैसा समाधान निकालने के लिए IBA और UFBU की एक उच्च स्तरीय कमेटी तुरंत बनाई जाएगी।'
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क्या है पूरे मामले की असल वजह?
दरअसल, बैंकों के कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें हफ्ते में दो दिन की छुट्टी मिले यानी पांच दिन ही काम करना पड़े। उनका कहना है कि सरकार ने पहले इसे स्वीकार भी किया था लेकिन लागू नहीं किया जा रहा है। मौजूदा वक्त में बैंककर्मियों को दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। यानी महीने के 4 हफ्तों में उन्हें कुल 6 छुट्टियां मिलती हैं और वे 8 छुट्टियों की मांग कर रहे हैं।
