भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और दक्षिणी दिल्ली से पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर एक विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में छात्रों की तुलना में पंचर बनाने वाले और ताला बनाने वाले लोग अधिक संख्या में मौजूद थे। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने नीट के मुद्दे पर Gen-Z युवाओं को गुमराह कर प्रदर्शन में शामिल किया। अपनी इस विवादित टिप्पणी की वजह से वह एक बार फिर से चर्चा में हैं।
तुगलकाबाद में आयोजित एक Gen-Z सम्मेलन के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह Gen-Z सम्मेलन जंतर-मंतर पर किस प्रकार से Gen-Z को गुमराह करके नीट के नाम पर कुछ अराजक तत्वों ने वहां जमावड़ा लगाया और 20 तारीख को जो लोकतंत्र को धक्का पहुंचाने की कोशिश की गई, संसद पर अटैक करने के कोशिश की कि देश में अराजकता फैल जाए। वो जो भटका हुआ Gen-Z है वो सही रास्ते पर आए और उनको सच्चाई से अवगत कराया जाए कि देश में 12 साल में क्या हुआ और 12 वर्ष पहले क्या होता था।
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फिर दिया विवादित बयान
रमेश बिधूड़ी अपने बयानों के कारण कई बार सुर्खियों में रहे हैं। अब फिर उन्होंने एक कार्यक्रम में विवादित बयान दिया है। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर बैठे युवाओं में पंचर लगाने वाले ज्यादा थे और छात्र वहां पर कम थे।' उन्होंने जनता से सवाल के लहजे में कहा कि क्या आपके बच्चे मोदी जी को गाली दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे सब पंचर लगाने वालों की औलादें थीं, इसलिए मोदी को गाली दे रहे।
प्रदर्शन पर उठाए सवाल
रमेश बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि नीट के मुद्दे के नाम पर कुछ असामाजिक तत्वों ने युवाओं को भड़काकर जंतर-मंतर पर इकट्ठा किया। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और देश में अशांति फैलाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि संसद पर हमला करने और अराजकता फैलाने की कोशिश की गई। रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह बताया जाना चाहिए कि पिछले 12 वर्षों में देश में क्या बदलाव हुए और उससे पहले की स्थिति क्या थी।
सीजेपी पर उठाए सवाल
रमेश बिधूड़ी ने कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'नीट से जुड़े जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनकी फोटो लगा ली। फोटो लगाने के बाद उनकी बेहयाई देखिए लेकिन जब आंदोलन समाप्त हुआ तो वहां फाइव स्टार तरीके से पार्टी की गई और उन बच्चों की फोटो सड़कों पर पड़ी थी। इन सब चीजों से अवगत कराने के लिए यह Gen-Z सम्मेलन आयोजित किया गया।'
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पहले भी विवादों में रहे
जाहिर है कि रमेश बिधूड़ी का यह बयान मुस्लिम समुदाय के लिए था। ऐसे में इस समुदाय से इस बयान का विरोध भी हो रहा है। इससे पहले भी रमेश बिधूड़ी इस तरह के बयान दे चुके हैं। उन्होंने संसद में बहुजन समाजवादी पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजनक, सांप्रदायिक और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद जमकर राजनीतिक बवाल हुआ और भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।
