पश्चिम बंगाल के उपचुनाव वाली दोनों विधानसभा सीटों पर बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है। मुस्लिम बुहल रेजीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी शंकरव सरकार ने और नंदीग्राम से हसी रानी रथ ने जीत हासिल की। रथ ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 1.2 लाख वोटों से शिकस्त दी है। विधानसभा चुनाव में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से चुनाव जीता था। हालांकि बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी।  

 

हसी रानी रथ सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चुनाव परिणाम के बाद 6 मई को उत्तरी 24 परगना जिले में चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हसी रानी रथ को कुल 1,64,227 वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को महज 41,674 वोट मिले।

 

 

मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार शंकरव सरकार ने 75,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह जीत मेरी नहीं है। यह 'कमल' की जीत है। यह जीत श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ. हेडगेवार की है।  इस पर मेरा कोई निजी दावा नहीं है। बंगाल में मेरी कोई खास हैसियत नहीं है। सुवेंदु अधिकारी ही अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। मैं उनके साथ खड़ा हूं और उनके रास्ते पर चलता हूँ। हम रेजीनगर के औद्योगिक इलाके में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।'

हसी रानी रथ ने दर्ज की सबसे बड़ी जीत

पिछले चुनाव में ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि अबकी बार सीएम सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी से सीट छीन ली। भवानीपुर सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने 2016 में टीएमसी की टिकट पर सबसे बड़ी जीत 81,230 वोटों से जीती थी। अबकी हसी रानी रथ ने उनका भी रिकॉर्ड तोड़ दिया। 1.22 लाख से अधिक वोट से हसी रानी रथ ने जीत दर्ज की। यह 1967 के बाद भवानीपुर सीट की सबसे बड़ी जीत है।

रेजीनगर में बीजेपी की जीत की चर्चा

आम जनता उन्नयन पार्टी के मुखिया हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नओदा सीट सीट जीत हासिल की। हालांकि बाद में उन्होंने रेजीनगर सीट को खाली कर दिया। अब बीजेपी प्रत्याशी शंकराव सरकार ने मुस्लिम बहुल सीट पर बड़ी जीत हासिल की। यहां 70% मुस्लिम मतदाता हैं। इस मायने से बीजेपी की इस बड़ी जीत की चर्चा भी खूब है। कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अब्दुलाहिल कफी को सिर्फ 6,168 वोट मिले।