कनाडा के नियाग्रा रीजन के सेंट कैथरीन्स इलाके में 15 मई को गुजरात के आणंद जिले के बोरसद शहर की रहने वाली 22 साल की स्टूडेंट विधि मेघा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विधि कनाडा में तीन साल का बिजनेस मैनेजमेंट कोर्स पूरा करने के बाद पर्सनल सपोर्ट वर्कर ऑनर्स प्रोग्राम की पढ़ाई कर रही थीं। इस घटना को 15 दिन बीत चुके हैं लेकिन कनाडा पुलिस और वहां के प्रशासन की देरी के कारण विधि का शव अब तक भारत नहीं आ पाया है। 

 

विधि के पिता कल्पेशभाई मेघा और उनकी मौसी स्नेहल अपनी बेटी का चेहरा देखने और अपने शहर बोरसद में पूरे रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार करने के लिए इंतजार कर रहे हैं। कनाडा पुलिस ने फोन पर पिता को इस मर्डर की जानकारी दी थी और वहां की पुलिस इसे होमिसाइड यानी हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है।

 

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कनाडा पुलिस का रवैया

विधि की मौसी स्नेहल ने बताया कि कनाडा की सरकार और वहां की पुलिस उन्हें सीधे तौर पर कोई साफ जवाब नहीं दे रही है। विधि के चाचा इस समय सभी जरूरी कागजी काम पूरा करने के लिए कनाडा में ही मौजूद हैं और लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बावजूद वहां का प्रशासन उनके साथ ठीक से मदद नहीं कर रहा है और उन्हें हर एक जानकारी सिर्फ ईमेल के जरिए दी जा रही है जिससे शव को भारत भेजने की प्रक्रिया में बहुत ज्यादा देरी हो रही है।

 

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विदेश मंत्रालय से मदद की अपील

विधि के पिता कल्पेशभाई मेघा ने बताया कि उनकी बेटी 22 साल की है और यह घटना कनाडा के नियाग्रा रीजन के सेंट कैथरीन्स में हुई जहां उस पर चाकू से हमला किया गया था। कल्पेशभाई ने रोते हुए सरकार से गुहार लगाई है कि वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार यहीं भारत में करना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से मांग की है कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके उनकी बेटी का शव दिलाया जाए और उसे यहां भारत भिजवाया जाए ताकि परिवार उसका अंतिम संस्कार कर सके।