तेलंगाना के आदिलाबाद से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो यह साबित करती है कि इंसान अगर ठान ले तो हालात उसकी राह नहीं रोक सकते। यहां जन्म से ही एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से जूझ रहे वी.वेंकट रमणा आज हजारों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। वेंकट रमणा का शरीर बचपन से ही सही नहीं है और वह बिस्तर से नहीं उठ सकते। शरीर ने उनका साथ नहीं दिया लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। बिस्तर पर पड़े-पड़े ही उन्होंने अपनी दुनिया बनाई और अब डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अच्छी कमाई कर रहे हैं।
वेंकट रमणा एक ऐसी दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से उनका शरीर सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। बचपन से ही उनकी चलने-फिरने में दिक्कत महसूस करते थे। हालत ऐसी थी कि वह स्कूल तक नहीं जा सके लेकिन पढ़ने की इच्छा इतनी मजबूत थी कि परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया। घर पर रहकर ही उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और धीरे-धीरे तकनीक की दुनिया से जुड़ गए।
यह भी पढ़ें: एक डॉक्टर, एक कोचिंग टीचर, NEET-UG पेपर लीक केस में 2 और आरोपी गिरफ्तार
डिजिटल मार्केंटिंग में बनाया करियर
ज्यादातर लोग ऐसी परिस्थितियों में जिंदगी से हार मान लेते हैं लेकिन रमणा उन लोगों में से नहीं है। रमणा ने इंटरनेट और डिजिटल स्किल्स को अपना हथियार बना लिया। मोबाइल और लैपटॉप के जरिए उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग सीखनी शुरू की। उनके लिए शुरुआत आसान नहीं थी। शारीरिक परेशानी, आर्थिक चुनौतियां और मानसिक रूप से वह हर मोर्चे पर मुश्किलों का सामना कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार सीखते रहे और धीरे-धीरे डिजिटल मार्केटिंग में अपनी पहचान बना ली।
घर बैठे करते हैं कमाई
आज रमणा घर बैठे ही ऑनलाइन काम करते हैं। सोशल मीडिया प्रमोशन, डिजिटल कैंपेन और ऑनलाइन मार्केटिंग से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स संभालते हैं। खास बात यह है कि वह अपना पूरा काम बिस्तर पर लेटे-लेटे ही करते हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें शारीरिक रूप से ठीक ना होने के बावजूद आत्मनिर्भर बना दिया है। अब वह अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर रहे हैं।
क्या बोले रमणा?
वेंकेट रमणा ने बताया कि वह हायर एजुकेशन पूरी करना चाहते थे लेकिन किन्हीं कारणों से वह अपनी हायर एजुकेशन पूरी नहीं कर पाए। इसके बाद किसी ने उन्हें सलाह दी की वह डिजिटल मार्केटिंग में करियर बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने लगभग 4 महीने का कोर्स किया और उसके बाद उसी कंपनी के लिए काम किया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उनके लोगों ने उनका काफी ज्यादा साथ दिया।
यह भी पढ़ें: 'गंदगी फैलती है, बदबू आती है', विरोध के बाद नहीं दी बकरीद पर कुर्बानी की अनुमति
सोशल मीडिया पर वायरल हुए
रमणा की कहानी अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग उन्हें रियल लाइफ फाइटर बता रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि जिंदगी में छोटी-छोटी परेशानियों से टूट जाने वाले लोगों को रमणा से सीख लेनी चाहिए। उनके परिवार का कहना है कि रमणा ने कभी अपनी बीमारी को कमजोरी नहीं बनने दिया। परिवार के सहयोग और उनकी जिद ने ही उन्हें यहां तक पहुंचाया। घरवालों के मुताबिक, रमणा हमेशा कहते हैं कि अगर शरीर साथ नहीं देता तो दिमाग और हौसला जरूर देता है।
