कांग्रेस का दावा है कि शिक्षा पर होने वाला खर्च परिवार की आय से भी तेजी से बढ़ रहा है। जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली में धांधली की वजह से हुआ, लेकिन बढ़ते शिक्षा खर्च से युवाओं और माता-पिता का गुस्सा भी एक कारण है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि युवा और उनके माता-पिता शिक्षा तक पहुंच और खर्च उठाने की क्षमता के मुद्दों पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी’ (CMIE) ने 2014-15 से 2025-26 के बीच के घरेलू व्यय के आंकड़ों का हाल में विस्तृत विश्लेषण किया है। इसके निष्कर्ष बेहद गंभीर हैं। शिक्षा पर होने वाला खर्च घरेलू आय की तुलना में कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। परिवार अपनी आय का पहले की तुलना में कहीं बड़ा हिस्सा शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं।'
यह भी पढ़ें: करुणानिधि की पोती ने बैंक मैनेजर को जड़ा थप्पड़, वायरल वीडियो पर मचा बवाल
शिक्षा पर सबसे अधिक खर्च कर रहे परिवार: जयराम रमेश
जयराम रमेश ने आगे कहा कि निजी ट्यूशन शिक्षा पर होने वाले घरेलू खर्च का सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है। स्कूल और कॉलेज की फीस में पिछले एक दशक के दौरान लगातार इजाफा हुआ है। यह घरेलू आय में हुई बढ़ोतरी से भी ज्यादा है।
जयराम रमेश का कहना है कि किताबों पर खर्च इससे भी अधिक तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे पाठ्यपुस्तकों और संदर्भ पुस्तकों की बढ़ती कीमतें, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बढ़ता खर्च और अतिरिक्त अध्ययन सामग्री पर व्यय भी वजह है।
यह भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान की जगह लेने वाले प्रह्लाद जोशी की ये कहानियां पता हैं?
'शिक्षा तक पहुंच भी प्रदर्शन की एक वजह'
जयराम रमेश ने कहा, 'हाल के सप्ताहों में जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर हुए विरोध प्रदर्शनों का तात्कालिक कारण प्रधानमंत्री और (पूर्व) शिक्षा मंत्री द्वारा लागू की गई कथित अनुचित एवं धांधलीपूर्ण परीक्षा प्रणाली है, लेकिन युवाओं और उनके अभिभावकों की पीड़ा, चिंता और गुस्से के पीछे शिक्षा तक पहुंच और खर्च उठाने की क्षमता से जुड़े कहीं अधिक गहरे कारण हैं। इन्हें सीएमआईई के घरेलू व्यय के आंकड़े सामने लाते हैं। वे अब तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।'
