देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों ने जंतर मंतर पर शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बयान के खिलाफ शुरू हुआ ऑनलाइन आंदोलन, जमीन पर भी प्रभावी नजर आया। महज तीन हफ्ते बाद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का दबाव बढ़ा दिया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: 'मुझे बताया कि इवेंट करना है...', कॉकरोच पार्टी ने मनोज झा के साथ खेल कर दिया?
प्रदर्शन से CJP को क्या मिला है?
CJP ने केंद्र सरकार को एक हफ्ते का समय दिया है। अगर इस दौरान मंत्री को हटाया या इस्तीफा नहीं लिया गया तो यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा। अभिजीत दीपके बोस्टन से शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन स्थल की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'उन्होंने कहा था कि कॉकरोच सड़क पर नहीं आएंगे।'
जंतर मंतर पर घिरी सरकार
पुलिस ने पहले संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर इकट्ठा होने को कहा था, लेकिन बाद में जंतर मंतर पर अनुमति दे दी गई। भारी पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और वॉटर कैनन तैनात किए गए थे। सुबह से ही लोग जुटने लगे और 11 बजे तक जगह खचाखच भर गई।
जेन Z आंदोलन में सब कूद पड़े
यह आंदोलन शुरू में जेन Z का बताया जा रहा था, लेकिन इसमें हर उम्र के लोग शामिल हुए। स्कूली बच्चे, कॉलेज छात्र, माता-पिता, नौकरी की तैयारी कर रहे युवा, पेशेवर और 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग भी पहुंचे। लोग तिरंगे, संविधान की किताबें और प्लेकार्ड लेकर आए। कई लोगों ने कॉकरोच मास्क पहने थे और कॉकरोच टी शर्ट में नजर आ रहे थे।
यह भी पढ़ें: 'इंटरनेट पर ठीक, लेकिन..' सार्थक सिद्धांत ने कॉकरोच पार्टी को दिया संदेश
नारे क्या लगे?
कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने 'वंदे मातरम', 'शर्म करो' और 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शन के प्रति विपक्षी पार्टियां ने अपना समर्थन दिया। AAP, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (UBT) और वामपंथी दलों ने जहां विरोध किया, वहीं कांग्रेस की आईटी सेल ने भी इस प्रदर्शन को बीजेपी की तरह ही ट्रोल किया। प्रदर्शन करीब 3:30 बजे समाप्त हो गया, जब अभिजीत दीपके की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
क्या कह रही हैं विपक्षी पार्टियां?
नितिन नवीन, अध्यक्ष, बीजेपी:-
कुछ लोग विदेश में बैठकर सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को अपनी मर्जी से चला सकते हैं। लेकिन भारत का युवा किसी के पुतला नहीं बनेगा। युवा सकारात्मक राजनीति करेंगे, लोकतंत्र के आधार पर विरोध करेंगे, लेकिन लोकतंत्र के मापदंडों को बिगड़ने नहीं देंगे।
भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन को नकारात्मक राजनीति बताया है, जबकि कांग्रेस ने कहा कि उसके युवा संगठन ने छात्रों के लिए ज्यादा काम किया है। कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने NEET पेपर लीक और CBSE की OSM व्यवस्था में आई अराजकता पर सरकार को घेरा है।
CJP ने सरकार को दी है 7 दिनों की डेडलाइन
कॉकरोच जनता पार्टी:-
शिक्षा व्यवस्था को ठीक करने के लिए सबसे पहले शिक्षा मंत्री को हटाना जरूरी है। अगर 7 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा।
CJP को प्रदर्शन से क्या मिला?
CJP ने प्रदर्शन के बाद बयान जारी कर शिक्षा मंत्री को 7 दिन का समय दिया है। अभी तक केंद्र सरकार ने CJP के प्रदर्शन और मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कॉकरोच जनता पार्टी की आलोचना में लिखा कि शीर्ष नेतृत्व ही कमजोर है, ऐसे में इस आंदोलन का भविष्य नहीं है, संगठन बिखरा है, लोग नहीं हैं। दूसरी तरफ कुछ लोग इस आंदोलन को उम्मीद से देख रहे हैं। अब सबकी नजर, 14 जून के बाद पार्टी का रुख क्या रहता है
