दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर धरना दे रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना देते हुए प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

 

बाद में पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में ले लिया। सभी वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर पुलिस ले गई। बस में बैठाने के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रतिरोध भी किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इस धरना में शामिल हुए थे। 

 

 

 

'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो' के लगे नारे

 

कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए 7 लोक कल्याण मार्ग के पास धरना देते हुए 'प्रधानमंत्री इस्तीफा दो', 'गुंडागर्दी नहीं चलेगी' और 'छात्रों को न्याय दो' जैसे नारे लगाए। इससे पहले लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, शशिकांत सेंथिल और अन्य नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया गया था।

 

 

 

 

सांकेतिक हथकड़ियां पहनकर प्रदर्शन

 

धरने के दौरान कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां पहनकर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचकर राहुल गांधी से धरना खत्म करने का आग्रह किया था।

 

 

 

 

लोगों से धरने में शामिल होने की अपील

 

हालांकि, राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ को न्याय दिलाने के लिए लोगों से धरने में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार को इस मामले में जवाबदेही लेनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार न तो घटना की जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर चर्चा की अनुमति दे रही है।