एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मंगलवार को राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (REL) से जुड़े बेंगलुरु और मुंबई के नौ ठिकानों पर तलाशी ली है। कपंनी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बाजार नियामक सेबी की जांच के दायरे में है। राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेडपर का मुख्यालय बेंगलुरु में है। ईडी ने कंपनी के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कार्रवाई की है।
यह तलाशी राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड के फर्जी दावों के बाद की गई है, जिसमें उसने अपना रेवेन्यू बढ़ाकर 15.15 लाख करोड़ रुपये का दिखाया था। ईडी की तलाशी से मिले सबूतों से पता चला है कि 'बेनामीदारों' ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड शेयरों के कई लेनदेन किए।
सोने का फर्जी स्टॉक बताया
ईडी की तलाशी के दौरान यह भी पता चला है कि राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ने देश से 20 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम निकाली। अधिकारियों ने बताया कि सोने का भंडारण कागजों में बताए गए भंडारण से 40 फीसदी कम पाया गया है।
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यही वजह है कि पिछले दिनों राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेडपर SEBI ने गड़बड़ियों के बाद कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश मेहता की शेयर मार्केट की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।
3000 करोड़ रुपये के व्यापार प्राप्तियों की जांच
केंद्रीय एजेंसी ईडी के सोने के आयात के बदले सेट ऑफ किए गए करीब 3000 करोड़ रुपये के व्यापार प्राप्तियों की जांच कर रही है। साथ ही इसमें पाया गया है कि इस सोने की डिलीवरी संदिग्ध है। ईडी के अधिकारी ने कहा, 'REL ने अफ्रीका के सोने की खदानों में 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किए हैं। यह निवेश उसकी किसी भी सब्सिडियरी के अकाउंट बुक में नहीं दिखता है। करीब 3000 करोड़ रुपये की व्यापार प्राप्तियां और भुगतान को 4-5 विदेशी संस्थाओं से किया, जिनकी साख संदिग्ध है।'
कंपनी को लेकर SEBI का अंतरिम आदेश
SEBI के एक अंतरिम आदेश के मुताबिक, 'राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड पर आरोप है कि उसने पांच वर्षों में अपने समेकित राजस्व को 15 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। कंपनी ने यह आय मुख्य रूप से अपनी विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों, खासकर स्विट्जरलैंड स्थित वैलकैम्बी एसए से दिखाई, जबकि उस सब्सिडियरी कंपनी के वित्तीय लेखापरीक्षण रिपोर्ट में पैसे बहुत कम दिखाई दिया था।'
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राजेश एक्सपोर्ट्स ने क्या कहा?
सेबी ने आदेश में कहा कि कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजेश मेहता पर अगले आदेश तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयर खरीदने, बेचने या उनमें लेन-देन करने को लेकर रोक रहेगी। राजेश एक्सपोर्ट्स ने किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसके द्वारा बताई गई आय सही थी और ऐसा लगता है कि SEBI और कंपनी के बीच संवाद में कोई कमी रह गई थी।


