गोवा पुलिस ने पणजी के आजाद मैदान में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर FIR दर्ज की है। यह FIR अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ है। आरोप है कि प्रदर्शन में सांप्रदायिक नारे लगे, जिससे दो समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ सकती थी। प्रदर्शन के दौरान 7 लोगों को हिरासत में लिया गया था। FIR उसके करीब एक हफ्ते बाद दर्ज हुई है।

FIR पणजी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के तहत दर्ज की गई है। धारा 196 धर्म या नस्ल के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने से जुड़ी है। धारा 299 किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जान-बूझकर ठेस पहुंचाने से जुड़ी है।

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'प्रदर्शन के दौरान लगे धार्मिक नारे'

FIR एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर दर्ज हुई। शिकायत में कहा गया कि कुछ प्रदर्शनकारी एक समुदाय के खिलाफ नारे लगा रहे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रदर्शन शांति और भाईचारा बिगाड़ने के लिए किया गया था। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक FIR अज्ञात लोगों के खिलाफ है और जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आरोपियों की पहचान की जाएगी।

क्यों अब छिड़ी है चर्चा?

प्रदर्शन के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर साझा होने के बाद गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पिछले हफ्ते जांच की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सरकार राज्य के बाहर के लोगों की ओर से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगी।

 

यह प्रदर्शन 11 अक्टूबर को गोवा में CJP से जुड़े एक संगठन ने किया था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। हिरासत में लिए गए 7 लोगों की रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल हुई। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने उसी रात सभी को छोड़ने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि हिरासत अधिकृत नहीं रही होगी।

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प्रदर्शन की इजाजत क्यों नहीं मिली?

आयोजकों ने 7 अक्टूबर को अधिकारियों से इजाजत मांगी थी। उत्तर गोवा के जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय ने 9 अक्टूबर के आदेश में अनुमति ठुकरा दी। आदेश में कहा गया कि पुलिस की रिपोर्ट में सभा की अनुमति की सिफारिश नहीं की गई थी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा पुलिस ने इजाजत न देने की वजह बताई कि पहले भी प्रदर्शनकारी अधिकारियों की लगाई शर्तें तोड़ चुके हैं।