संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई यानी आज से शुरू हो रहा है। पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी और कई अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार हंगामे के आसार है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र की शुरुआत से पहले कहा है कि अगर तर्क और तथ्य मजबूत हों तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज बुलंद की जा सकती है। उन्होंने स्टार्टअप स्कायरूट की तारीफ करते हुए राहुल गांधी पर भी तंज कसा। पीएम मोदी ने कहा कि स्कायरूट की टीम की औसत उम्र 28 साल है लेकिन वह 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहे हैं।
संसद का यह सत्र तब शुरू हो रहा है जब पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर हजारों युवा प्रदर्शन कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग हो रही है। कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर हो रहे इस प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने संसद की ओर अपना मार्च शुरू कर दिया है और पुलिस से उनकी झड़प भी हो रही है।
'56 सवाल के नौजवान की बात नहीं कर रहा'
संसद सत्र हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी ने कहा, 'एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मॉनसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचा था। अभी परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप जिसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। बहुत बड़ी सफलता है।
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उन्होंने आगे कहा, 'यह जो स्काईरूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया कि उनकी जो पूरी टीम की एवरेज एज सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया है। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं। 28 साल की उम्र के नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है, उनको तो बधाई है ही लेकिन ऐसी बातें भारत को आत्मविश्वास से भर देती हैं। यह संयोग नहीं, एक मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है।'
रोचक बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस संबोधन में किसी का नाम नहीं लिया लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर था। इसकी वजह है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की उम्र ठीक 56 साल ही है।
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'शांत चित्त से बुलंद करें आवाज'
सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बहुत जरूरी है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी हैं, दल उनका कोई भी हो। ऐसे समय में उनके अनुभव की और ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। इसके लिए संसद का चलना सार्थक चर्चा होना, मिल-जुलकर देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़ें। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्र भक्ति के लिए जी रहे है, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे। वे अपनी आवाज बुलंद करें और देश को दिशा दें। इसलिए मुझे पक्का विश्वास है कि जहां तथ्य होते हैं, तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है।'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जब तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं कि तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, यह संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं।'
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बता दें कि संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 जुलाई तक चलेगा है। इस बार कई चर्चित विधेयकों पर चर्चा हो सकती है। अभी तक सरकार ने जिक्र तो नहीं किया है लेकिन परिसीमन विधेयक को भी फिर से लाया जा सकता है और इसी सत्र में पास करवाने की कोशिश की जा सकती है।
