झारखंड में हाल के सालों में परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं विरोध कर रहे हैं। इसी बीच सोमवार को प्रतियोगी परीक्षाओं के हजारों अभ्यर्थियों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई अवरोधक और बैरिकेड्स लगाए थे लेकिन प्रदर्शनकारियों ने एक के बाद एक कई अवरोधक तोड़ते हुए आगे बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं और लाठीचार्ज कर दिया।
हाथों में तिरंगा और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी जब नए विधानसभा परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगन्नाथपुर मंदिर के पास अंतिम अवरोधक तक पहुंचे तब पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें कर दीं। इसी दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज भी कर दिया। हालांक, पुलिस द्वारा पानी की बौछारें करते ही प्रदर्शनकारी झूम उठे।
एंबुलेंस में बैठकर मार्च में शामिल हुए महतो
छात्रों ने प्रदर्शन के 17वें दिन अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इस मुद्दे पर नौ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस में बैठकर इस मार्च में शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे महतो का 10.5 किलोग्राम वजन घट गया है। इस दौरान वह पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर लिए हुए नजर आए।
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उन्होंने कहा, 'हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं और सभी से अपील करते हैं कि वे इस शांति को बनाए रखने में हमारी मदद करें। हम उन लाखों छात्रों की आवाज उठा रहे हैं जो अपने सपनों और करियर के लिए संघर्ष कर रहे हैं... मेरी सेहत बिगड़ रही है।'
'हमारी आवाज उन तक जरूर पहुंचनी चाहिए'
मार्च में आए एक प्रदर्शनकारी ने कहा, 'अगर हम विधानसभा तक नहीं पहुंच सकते तो हमारी आवाज उन तक जरूर पहुंचनी चाहिए। हम सरकार से नहीं डरते जो हमारे साथ देशद्रोहियों जैसा बर्ताव कर रही है। हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।'
500 स्वयंसेवकों को तैनात किया
आंदोलन की अगुवाई कर रहे ‘जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ ने कहा कि उसने असामाजिक तत्वों को मार्च में शामिल होने से रोकने के लिए लगभग 500 स्वयंसेवकों को तैनात किया है। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अरविंद कुमार वर्मा ने कहा कि मार्च अब तक शांतिपूर्ण रहा है और पुलिस संयम बरत रही है।
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सरकार ने प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मानी
पुलिस के बड़े अधिकारियों ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू करने के अलावा लगभग चार किलोमीटर लंबे पूरे रास्ते पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरएएफ, भारतीय रिजर्व बटालियन, जिला पुलिस और त्वरित कार्रवाई बल (QRT) के 1,500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि रांची के अधिकतर स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हो सका। बातचीत के आखिरी दौर के बाद सरकार ने कहा कि उसने प्रदर्शनकारियों की 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने उन 13 परीक्षाओं में से केवल तीन को रद्द करने पर सहमति जताई है जिन्हें वे रद्द करने की मांग कर रहे थे।
