दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला एक इमारत के ढहने के बाद अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने एक अन्य इमारत को जर्जर और खतरनाक स्थिति में पाए जाने पर उसके मालिक को तीन दिन के भीतर संरचना को गिराने का आदेश दिया है। MCD के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा है कि अगस्त में ही दो-तीन और इमारतों को गिराने का आदेश जारी किया गया था, उन्हें भी जल्द ही गिराया जाएगा।
एमसीडी के बयान के अनुसार, रविवार को जो इमारत ढही उसकी संपत्ति संख्या 14 थी। दिल्ली नगर निगम ने सत्य निकेतन स्थित संपत्ति संख्या 13 के लिए रविवार को एक आदेश जारी कर उसके मालिक या कब्जाधारक को इमारत को गिराने का निर्देश दिया। इस आदेश में कहा गया कि इस जर्जर बिल्डिंग में रहने वाले, आगंतुकों, राहगीरों और आसपास की इमारतों को खतरा है। यह नोटिस एमसीडी के दक्षिण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता (भवन)-प्रथम की ओर से दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 348 (491 के तहत पढ़ा जाए) के तहत जारी किया गया।
यह भी पढ़ें: चेन्नई में मंत्री की कार ने मारी टक्कर, युवक की गई जान, आरोपी गिरफ्तार
नगर निगम ने क्या कहा?
इस आदेश में नगर निगम ने कहा है, ‘अगर मालिक या कब्जाधारक आदेश मिलने के तीन दिन के भीतर ऐसा नहीं करता है तो वह (निगम) इमारत को ध्वस्त कर देगा और इस पर आने वाली लागत मकान मालिक से कर बकाया के रूप में वसूल करेगा।’ यह कदम सत्य निकेतन में रविवार को लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में इस्तेमाल की जा रही दशकों पुरानी पांच मंजिला इमारत ढहने के बाद उठाया गया है। यह इमारत ढहने से अभी तक 7 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए थे।
यह भी पढ़ें: जलकर, डूबकर और अब कुचलकर मरे लोग, दिल्ली की इमारतें जानलेवा हैं?
नगर निगम के कमिश्नर क्या बोले?
MCD के कमिश्नर संजीव खिरवार ने कहा है, 'हम लगातार ऐसी इमारतों की पहचान करते रहते हैं। पिछले तीन महीने में हमने 960 जगहों पर ध्वस्तीकरण किया और 407 इमारतों को सील किया। 1500 इमारतों को नोटिस भी जारी किया। यह एक रेगुलर प्रक्रिया है और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है।'
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार लड़कों के पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही यह पांच मंजिला इमारत करीब 30 साल पुरानी थी। यह 55 वर्ग गज क्षेत्र में बनी भूतल और चार मंजिला (जी प्लस 4) इमारत थी जबकि इसके निर्माण के लिए पहले केवल भूतल और एक मंजिल (जी प्लस 1) की अनुमति दी गई थी। इससे पहले, एमसीडी ने लड़कियों के ‘पीजी’ आवास वाली पास की एक इमारत को ‘जर्जर’ घोषित करते हुए वहां से किराएदारों को निकाला था। किराएदारों को पास के एक सामुदायिक भवन में पहुंचाकर निगम ने उस इमारत को भी गिराए जाने की योजना की घोषणा की थी।
