नेपाल में अचानक आई बाढ़ में सैकड़ों लोग काल के गाल में समा गए। इस बाढ़ के चलते अब तक 538 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता हैं। मरने वालों में दर्जनों भारतीय हैं। भारत के अलावा दुनिया के कई देशों के सैकड़ों पर्यटक लापता हो गए हैं। जो लोग मिट्टी के नीचे दब गए हैं, उन्हें खोजने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीयों के बारे में जानकारी दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ को लेकर बताया कि 21 भारतीय नागरिक जो कल काठमांडू में इस बाढ़ से प्रभावित इलाके से आए थे, आज दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी 21 भारतीय नागरिक तमिलनाडु से हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा क्या है?
मंत्रालय ने बताया, 'गुरुवार को हमारे एम्बेसडर ने काठमांडू में सभी 21 लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल पूछा। इन 21 भारतीय नागरिकों के अलावा, कल हमने आपको 63 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी दी थी, त्रिशूली वन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। उन्हें भी कल बचाया गया था। इन 21 और 63 के अलावा, हमें पता चला है कि चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक जमीन के रास्ते सुरक्षित रूप से नेपाल में घुस गए हैं। उन्हें निकालने की कोशिशें चल रही हैं।'
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320 भारतीय पर्यटक लापता
जायसवाल ने बताया कि इस समय 320 भारतीयों से हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है। यानी कि नेपाल में 320 भारतीय पर्यटक लापता हो गए हैं। इनमें से 100 ऐसे भारतीय हैं जो कई कैलाश यात्रा, मानसरोवर यात्रा पर गए हुए हैं लेकिन वे अन्य राष्ट्रीयताओं को मानते हैं।
चीन की तरफ 400 भारतीय नागरिक
रणधीर जायसवाल ने कहा, 'चीन की तरफ हमारे 400 भारतीय नागरिक हैं। वे सुरक्षित हैं। वे अपने परिवार के संपर्क में हैं। हमारी एम्बेसी उनमें से कई के संपर्क में है। उनके कई परिवार वालों ने बीजिंग में हमारी एम्बेसी के हेल्पलाइन नंबरों के जरिए भी हमसे संपर्क किया है। हमारी एम्बेसी चीन में लोकल अधिकारियों के संपर्क में है और वे यह पता लगा रहे हैं कि वहां मौजूद इन लोगों को कैसे निकाला जा सकता है।'
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नेपाल को दी जा रही भारतीय मदद
विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि जैसे ही यह हादसा हुआ, उसी दिन हमने अपनी मानवीय सहायता की कोशिशें शुरू कर दीं। भारत ने नेपाल को सहायता के लिए पहला एयरक्राफ्ट 26 अगस्त को शाम को रवाना किया। इसमें 10 टन राहत का सामान था, जिसमें टेम्पररी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं। इसके बाद, दूसरा एयरक्राफ्ट कल, 27 अगस्त को रवाना हुआ। इस खास फ्लाइट में 37.5 टन राहत का सामान है, जिसमें दवाइयां और खाने का सामान है। भारत तीसरी फ़्लाइट भी नेपाल भेजने जा रहा है।
सावधानी से चलाया जा रहा बचाव अभियान
नेपाल बाढ़ के बाद तलाश और बचाव अभियान के दौरान और लगातार शव बरामद हो रहे हैं। इस बीच, तिब्बत की सीमा पर हिमस्खलन के कारण बनी एक झील के जलस्तर में वृद्धि से फिर से बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए अभियान सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। नेपाल पुलिस ने एक बयान में कहा कि आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, नवलपरासी पूर्व से 134, चितवन से 221, गोरखा से 46 और नुवाकोट से 37 शव बरामद किए गए हैं। इसी तरह, धादिंग से 33, तनहूं से 28, नवलपरासी पश्चिम से 27 और रसुवा से 12 शव बरामद किए गए हैं। बयान के अनुसार, इस घटना के तीसरे दिन भी तलाशी और बचाव अभियान जारी रहा। इसके लिए 7,451 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान भी शामिल हैं।
