बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंदिर के ऐलान के बाद नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में 'मोदी चालीसा' का आयोजन किया गया। ऐसा कई सोशल मीडिया पोस्ट पर दावा किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल इन वीडियो में कुछ लोग 'मोदी चालीसा' पढ़ते दिख रहे हैं। छोटे से एक मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का एक कटआउट लगा है। इसमें उन्हें भगवान राम की तरह दिखाया गया है।
पत्रकार श्याम मीरा सिंह और पीयूष राय ने अपने एक्स अकाउंट पर वीडियो शेयर किया और लिखा, 'दिल्ली प्रेस क्लब में आज 'मोदी चालीसा' का आयोजन किया गया।' उनकी ही तरह कई अन्य पत्रकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने भी 'मोदी चलीसा' का वीडियो शेयर किया। मंच पर पीछे लगे एक पोस्टर में 'भगवान श्री नरेंद्र मोदी चलीसा' लिखा है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डॉ. राजन सिंह और महामंडलेश्वर वैभवी महाराज समेत ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों ने 20 अगस्त यानी गुरुवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में 'श्री नरेंद्र मोदी चालीसा' का पाठ किया।
कार्यक्रम को रोक दिया गया: प्रेस क्लब
सोशल मीडिया पर मामले के प्रकाश में आने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने भी कहा, 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने देखा है कि आज उसके परिसर में हुए एक कार्यक्रम की फोटो/वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रही है। इसके जरिए यह साफ किया जाता है कि क्लब ने यह कार्यक्रम आयोजित नहीं किया था। एक संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए हॉल किराए पर लिया था, लेकिन जब उस संगठन ने जगह किराए पर लेने की शर्तों का उल्लंघन किया तो क्लब के अधिकारियों ने तुरंत दखल दिया और कार्यक्रम को रोक दिया गया।
कब-कब चर्चा में रही 'मोदी चालीसा'?
यह 'मोदी चालीसा' का कोई पहला उदाहरण नहीं है। साल 2008 में मोबाइल की दुकान चलाने वाले कवि रमेश मिश्रा ने भी 'मोदी चालीसा' लिखी थी। लालू प्रसाद यादव के बाद मोदी देश के दूसरे नेता बने थे, जिन पर चालीसा लिखी गई थी। बाद में चालीसा वाली लिस्ट में सोनिया गांधी और यूपी की पूर्व सीएम मायावती का भी नाम जुड़ गया।
द इकॉनामिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रमेश मिश्रा ने नरेंद्र मोदी पर चालीसा के अलावा मोदी आरती और एक सनेदो भी लिखा था। सनेदो प्रेम का गुणगान करने वाला एक लोकगीत है। तब रमेश मिश्रा ने मोदी की तुलना भगवान राम से की थी। हालांकि उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
2014 में प्रकाशित दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट बताती है कि आगरा में प्रमील किशोर अग्रवाल ने 'नरेंद्र मोदी चालीसा' और आरती लिख चुके हैं। 18 सितंबर 2015 को प्रकाशित बीबीसी की रिपोर्ट में बताया गया कि वाराणसी में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लोगों में 'मोदी चालीसा' बांटी। इसे बीजेपी के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने लिखा था। इस चालीसा की खास बात यह है कि इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान राम की जगह हनुमान से की गई थी।
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2016 में सोशल मीडिया पर पीएम मोदी पर लिखी एक चालीसा खूब वायरल हुई। तब मीडिया ने भी इसे खूब कवरेज दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी अपनी एक रिपोर्ट में इस 'मोदी चालीसा' का उल्लेख किया और बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक उनके 66वें जन्मदिन को 'मोदी चालीसा' एक-दूसरे को प्रेषित करके मनाया था।
एप्पल म्यूजिक, जियो सावन और गाना जैसे म्यूजिक एप पर भी 'मोदी चालीसा' उपलब्ध है। इन चालीसा को डॉ. सुदेश कुमार तलहेटा ने प्रकाशित किया है। वहीं अमेजन म्यूजिक पर संजय फैजाबादी की एक 'मोदी चालीसा' मौजूद है। स्पॉटिफाई और यूट्यूब भी इससे अछूते नहीं हैं।
