ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा का दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनका बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस या प्रशासन के सामने किसी भी तरह का शांति मुचलका भरने से साफ तौर पर मना कर दिया है। उनका कहना है कि वह किसी भी तरह की शर्त को स्वीकार नहीं करेंगी। साथ ही किसी भी बॉन्ड पर साइन नहीं करने वाली हैं। 

 

नेहा बोरा का यह बयान कोर्ट के उस फैसले के ठीक बाद आया है जिसमें उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी। दरअसल, बीते दिन दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसमें उन्होंने कोर्ट के जारी किए गए नोटिस को चुनौती दी थी। 

 

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नेहा बोरा का बयान

कोर्ट में सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह का बॉन्ड नहीं साइन करने वाली है। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी तरह का बॉन्ड नहीं साइन करने वाले हैं। हमारी कोई भी शर्त नहीं है। बस हम किसी भी बॉन्ड पर साइन नहीं करेंगे।'  

मामले से जुड़ी पूरी जानकारी

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब SEM कोर्ट ने एक मामले की जांच के दौरान शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेहा बोरा को एक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में उनसे 10,000 रुपये का बॉन्ड और एक गारंटर पेश करने को कहा गया था ताकि जांच की प्रक्रिया के दौरान इलाके में शांति बनी रहे।

 

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नेहा बोरा ने इस नोटिस को गलत मानते हुए इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी को खारिज करते हुए एसडीएम कोर्ट के आदेश में दखल देने से मना कर दिया। अदालत का फैसला आने के बाद भी छात्र संगठन की अध्यक्ष अपने रुख पर अड़ी हुई हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे इस जांच के दौरान न तो बांड भरेंगी और न ही प्रशासन की किसी शर्त के आगे झुकेंगी।