प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम खंडों को राष्ट्र को समर्पित किया। करीब दो दशक तक बाद यह पूरा कॉरिडोर पहली बार ऑपरेशनल होगा। देश के उत्तर और पश्चिम के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाला यह कॉरिडर यूपी के दादरी को मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से जोड़ता है। 

 

दादरी में यह कॉरिडोर ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) से मिलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन खंडों का उद्घाटन किया है, वह 326 किमी लंबे हैं। इन सेक्शन को बनाने में करीब 20,700 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च हुई है। 

 

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इन खंडों का हुआ उद्घाटन

  • न्यू सानंद (उत्तर)-न्यू मकरपुरा
  •  न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले 
  • न्यू सफाले-न्यू जेएनपीटी

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इन खंडों की मालगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से जुड़ने से माल ढुलाई में तेजी आएगी। अलग कॉरिडोर होने से समय की बात होगी और सामान फैक्ट्रियों से पोर्ट तक तेजी से पहुंचेगा। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी। देश का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भी मजबूत बनेगा।

 

देश में रेल मंत्रालय ने दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण किया है। पहला कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के सोननगर से पंजाब के लुधियाना तक चालू हो चुका है। इसे ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट  कॉरिडोर कहा जाता है। इसकी लंबाई लगभग 1337 किलोमीटर है।

 

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दूसरा कॉरिडोर वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर है। यह कॉरिडोर 1506 किमी लंबा है। यूपी के दादरी को जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल से जोड़ता है। दोनों कॉरिडोर को मिलाकर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कुल नेटवर्क 2843 किमी लंबा हो चुका है। दोनों कॉरिडोर रोजाना करीब 443 मालगाड़ियों का संचालन करते हैं।

दानकुनी से सूरत तक नया कॉरिडोर

केंद्रीय बजट 2026 में पश्चिम बंगाल के दानकुनी से गुजरात के सूरत तक 2100 किमी लंबा एक और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया। यह कॉरिडोर पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात से गुजरेगा।