देश में इन दिनों भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड युवाओं के बीच खूब पॉपुलर हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम दिल्ली के दीनदयाल पार्क में जेन-जी के बीच भजन क्लबिंग के लिए पहुंचे। भजन क्लबिंग का यह प्रोगाम पंडित दीनदयाल की 110वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था। पहले भी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेंड की तारीफ कर चुके हैं। जनवरी में पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में भजन क्लबिंग को 'आध्यात्म और आधुनिकता का खूबसूरत संगम' बताया था। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई में अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में भजन क्लबिंग ट्रेंड का जिक्र किया था। उन्होंने तारीफ की थी कि कैसे भारत की नई पीढ़ी अपनी जड़ों और आस्था को आधुनिक जीवनशैली के साथ खूबसूरती से जोड़ रही है। इसके अलावा, ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की नई पीढ़ी में तेजी से लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड की जमकर सराहना की थी।    

 

भारत में कुछ प्रमुख चेहरे और बैंड हैं, जो भजन क्लबिंग को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें इनका नाम पहले आता है। दरअसल, भजन क्लबिंग पारंपरिक भजनों और कीर्तन को आधुनिक कॉन्सर्ट या नाइट-क्लब जैसी 'वाइब' और प्रोडक्शन के साथ प्रस्तुत करने का एक नया तरीका है। युवाओं की बीच यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। आइए जानें भारत में इसके प्रमुख चेहरे और बैंड या इस तरह के भजन क्लबिंग आयोजित करने वाले बैंड कौन से हैं। 

 

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भजन क्लबिंग है क्या?  

आसान भाषा में कहें तो भजन क्लबिंग में लोग पुराने या पारंपरिक तरीके से भजन बैठकर सुनने के बजाए कॉन्सर्ट या क्लब जैसे माहौल में भजन सुनते हैं और उसपर झूमते हैं। आमतौर पर इसमें हारमोनियम-तबले के साथ गिटार, ड्रम, इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक और तेज बीट्स भी शामिल किए जाते हैं। इसमें लाइटिंग, स्टेज और कॉन्सर्ट जैसा माहौल देखने को मिलता है। लोग ताली बजाते हैं, गाते हैं और साथ में झूमते हैं। 

 

यह ट्रेंड खासतौर से जेन-जी (Gen-Z) के बीच खूब पॉपुलर हो रहा है। PM मोदी भी भजन क्लबिंग के लिए दिल्ली के दीनदयाल पार्क पहुंचे थे, उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। वीडियो में वह भी जेन जी के साथ गाते और झूमते नजर आए।  

भजन क्लबिंग में पॉपुलर हो रहे हैं ये चेहरे 

भारत में बैकस्टेज सिबलिंग्स, केशवम, राघव राजा और माधवास रॉक बैंड जैसे नाम इस तरह के कॉन्सर्ट्स के लिए पॉपुलर हो रहे हैं। द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कांतारा फिल्म के प्रसिद्ध गाने 'वराह रूपम' से पहचान बनाने वाले शास्त्रीय गायक साई विग्नेश और गायिका सेंधवी भी भजन को सिर्फ मंदिर या धार्मिक आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय उसे कॉन्सर्ट और युवाओं के बीच नए म्यूजिक एक्सपीरियंस के तौर पर पेश कर रहे हैं।

 

इसके अलावा, बैकस्टेज सिबलिंग्स, केशवम, राघव राजा और माधवास रॉक बैंड जैसे नाम भजन क्लबिंग और लाइव कॉन्सर्ट्स में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इनका अंदाज पारंपरिक भजनों को रॉक, पॉप और मॉडर्न म्यूजिक के साथ जोड़ने का है, जिससे युवा दर्शक भी इनसे जुड़ रहे हैं।