श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चंदा चोरी विवाद के बाद अब राम मंदिर के धार्मिक कार्यों के संचालन और व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने संतों की 9 सदस्यीय धार्मिक कमेटी का गठन किया है। यह समिति मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, परंपराओं और पूजा-पद्धति से जुड़े मामलों की देखरेख करेगी। साथ ही ट्रस्ट ने मंदिर में चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था को लेकरभारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही फिलहाल एक महीने के लिए सीईओ की नियुक्ति टाल दी है।
ट्रस्ट की बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, धार्मिक समिति में अयोध्या के प्रमुख संतों को शामिल किया गया है। समिति मंदिर की धार्मिक गतिविधियों, पूजा-विधि और परंपराओं से जुड़े विषयों पर ट्रस्ट को सुझाव देगी। इसके अलावा राम मंदिर से जुड़े पुजारियों के प्रशिक्षण के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा, जहां पूजा-पद्धति, मंदिर प्रबंधन और धार्मिक अनुष्ठानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस केंद्र का संचालन भी धार्मिक समिति की निगरानी में होगा।
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धार्मिक समिति में कौन-कौन?
ट्रस्ट ने धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। इसके अध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज बनाए गए हैं। समिति में जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिश्पीठाधिपति वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, मध्वपीठाधिपति स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, स्वामी दिनेंद्रदास जी निर्मोही अखाड़ा, स्वामी कमलनयनदास जी मणिराम छावनी, महंत राजकुमार दास जी (रमावल्लभ कुंज), स्वामी रामानंद दास (राम कथा कुंज) और स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण सदस्य रहेंगे।
सीईओ की नियुक्ति टली
बैठक में ट्रस्ट के खाली पदों को भरने और सीईओ की नियुक्ति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस पद के लिए आवेदन मांगे गए थे और बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद चयन समिति ने उम्मीदवारों के नाम सुझाने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। ट्रस्ट ने चयन समिति को यह अतिरिक्त समय देने पर सहमति जताई है। ऐसे में सीईओ की नियुक्ति के लिए अभी और इंतजार करना होगा। बताया जा रहा है कि नियुक्ति के लिए 30 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है।
एसबीआई के साथ व्यवस्था की होगी समीक्षा
ट्रस्ट ने मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा का भी फैसला किया है। वर्तमान में यह जिम्मेदारी भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से चलाई जा रही है। हाल के दिनों में दान राशि को लेकर सामने आए विवाद के बाद ट्रस्ट ने पूरी व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करने का निर्णय लिया है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
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सीईओ की नियुक्ति टली
बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई। हालांकि इस पद के लिए पांच हजार से अधिक आवेदन मिलने के कारण चयन समिति ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद ट्रस्ट ने सीईओ की नियुक्ति को एक महीने के लिए स्थगित करने का फैसला लिया। चयन प्रक्रिया पूरी होने तक समिति के कामकाज के लिए एक सचिव नियुक्त करने को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही ट्र्स्ट ने खाली पदों पर नियुक्तियां करने के लिए फैसले लिए गए।
इसके साथ ही ट्रस्ट री मीटिं में मीडिया और आम लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से एक आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है। ट्रस्ट का कहना है कि इससे मंदिर से जुड़े फैसलों और गतिविधियों की जानकारी अधिक व्यवस्थित तरीके से जनता के साथ शेयर की जा सकती है।
