देश में तीन तरह की राजनीतिक पार्टियां होती हैं। पहला- राष्ट्रीय दल। दूसरा- क्षेत्रीय दल और तीसरा- गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल। गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को संक्षिप्त में RUPP कहा जाता है। अब सामने आया है कि इन्हीं RUPP में सिर्फ 6 दलों को मिलाकर साल 2023-24 में कुल 1700 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इन छह पार्टियों के पास ना तो कोई विधायक है और ना ही कोई सांसद। कई दल तो ऐसे हैं जिनके दफ्तर बंद हैं और उनसे जुड़े लोग भी जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं। इसके बावजूद इन दलों को सैकड़ों करोड़ का चंदा मिलने से सनसनी मच गई है। 

 

यह खुलासा हुआ है BBC के लिए की गई पत्रकार शुभांगी मिश्रा की रिपोर्ट के जरिए। BBC की इसी रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023-24 में सिर्फ इन 6 दलों को कुल 1700 करोड़ रुपये का चंदा मिला जबकि बीजेपी को छोड़कर बाकी के पांच दलों को मिलाकर सिर्फ 1480 करोड़ का ही चंदा मिला। इन पांच दलों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे दल भी शामिल हैं। रोचक बात है कि इन 6 दलों ने लोकसभा चुनाव 2024 में कुल मिलाकर सिर्फ 15 उम्मीदवार ही उतारे और एक को भी जीत नहीं मिली।

चंदा बनाम उम्मीदवार

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में लगभग 2727 RUPP हैं। इनमें से 6 ऐसी थीं जिनको 2023-24 में सैकड़ों करोड़ का ज्यादा मिला। यह वही साल था जिसके बाद लोकसभा के चुनाव हुए। सबसे ज्यादा 620.24 करोड़ का चंदा आम जनमत पार्टी को मिला। इस पार्टी ने सिर्फ 2024 के लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक उम्मीदवार उतारा। 2020 तक इस पार्टी को 20 हजार रुपये से ज्यादा का कोई चंदा भी नहीं मिली था। 2022-23 में उसे कुल 216 करोड़ और फिर 2023-24 में 620 करोड़ रुपये का चंदा मिला।

 

इसी तरह सत्यवादी रक्षक पार्टी को 330.55 करोड़ का चंदा मिला और उसने सिर्फ 1 उम्मीदवार उतारा। स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी को 219.69 करोड़ का चंदा मिला और उसने कुल 4 उम्मीदवार उतारे। इसी तरह न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी को 200.69 करोड़ का चंदा मिला। भारतीय नेशनल जनता दल को 191.61 और गरीब कल्याण पार्टी को 138 करोड़ का चंदा मिला। न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी ने 3, भारतीय नेशनल जनता दल ने 3 और गरीब कल्याण पार्टी ने कुल 3 उम्मीदवार उतारे।      

अन्य चुनावों में उतरे या नहीं?

आम जनमत पार्टी ने साल 2020 में बिहार और 2025 में दिल्ली के चुनाव में कुछ उम्मीदवार उतारे थे। इसी तरह 2022 में सत्यवादी रक्षक पार्टी ने गुजरात में, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी ने गुजरात (2022) और राजस्थान (2023) में न्यूज इंडिया यूनाइटेड पार्टी ने दिल्ली (2025) और बिहार (2025) , भारतीय नेशनल जनता दल ने गुजरात (2026 उपचुनाव और 2017 चुनाव) और पश्चिम बंगाल (2026) में उम्मीदवार उतारे और गरीब कल्याण पार्टी ने कहीं पर भी विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा।