दिल्ली दंगों में आरोपी ताहिर हुसैन को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने ताहिर के साथ में चार अन्य को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। दिल्ली पुलिस ने सभी दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने इसी मामले में ताहिर हुसैन समेत 5 को दोषी ठहराया था।
यह भी पढ़ें: 1994 में बांग्लादेश छोड़ा, 2007 में बंगाल, तसलीमा नसरीन अब क्यों चर्चा में हैं?
कोर्ट ने क्या कहा?
पुलिस ने कोर्ट से फांसी की सजा की मांग की। इसपर कोर्ट ने कहा कि दोषियों के खिलाफ रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है कि पांचों दोषियों की तरफ से कोई हिंसक रवैया या जुर्म करने की आदत थी। कोर्ट ने कहा कि सभी दोषी पहले किसी जुर्म में शामिल नहीं थे, ऐसे में सभी को जेल में अनुशासित रखा जा सकता है। इन्हें जेल के नियमों के मुताबिक, रखा जा सकता है।
'मुझे हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा'
कोर्ट ने ताहिर हुसैन के ऊपर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, कोर्ट से उम्रकैद की सजा मिलने के बाद ताहिर हुसैन को भारी सुरक्षा के बीच बाहर लाया गया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मुझे हाई कोर्ट से न्याय मिलेगा।'
यह भी पढ़ें: 'यूथ के लिए BJP ही सबसे अच्छी', बायो बदलने के बाद शहजाद पूनावाला
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, 'अंकित शर्मा को पहले किडनैप किया गया और मारने से पहले उन पर लगातार हमला किया गया। उनके शरीर पर कुल 51 घाव मिले, जिनमें से 18 धारदार हथियारों से किए गए थे। इस्तेमाल किए गए हथियारों का नेचर जुर्म के इरादे और शैतानी नेचर को दिखाता है। वे जानवरों जैसे हो गए थे। पीड़ित की मौत के बाद भी, वे हमला करते रहे।'
