ताइवान की सेना ने बुधवार को शूट-एंड-स्कूट मोबाइल लॉन्चर से चीन की तरफ रॉकेट दागे। ताइवान के इस कदम के बाद चीन के साथ तनातनी बढ़ सकती है। मगर, ताइवानी सेना का कहना है कि इस कदम के पीछे का मकसद चीन के संभावित हमले का जवाब देने की तैयारी परखना है। साथ ही तेजी से तैनाती और सटीक हमले करने की क्षमताओं को आंकना था।

 

दरअसल, ‘शूट-एंड-स्कूट’ एक सैन्य रणनीति है, जिसमें मोबाइल लॉन्चर किसी लक्ष्य पर तेजी से रॉकेट दागते हैं और दुश्मन के उनकी लोकेशन का पता लगाकर जवाबी हमला करने से पहले ही तुरंत अपनी जगह बदल लेते हैं।

 

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ताइवान जलडमरूमध्य में रॉकेट दागे गए

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि अमेरिका से मिले मोबाइल रॉकेट लॉन्चर ‘एचआईएमएआरएस’ (हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम) का पहले भी परीक्षण किया जा चुका है, लेकिन ताजा अभ्यास के तहत इससे पहली बार ताइवान जलडमरूमध्य में रॉकेट दागे गए। यह जलडमरूमध्य स्वायत्त शासी द्वीप ताइवान को चीन से अलग करता है।

अभ्यास जारी रखेगा ताइवान

आर्मी सार्जेंट वांग मिंग-हुई ने कहा, 'दुश्मन से मौजूदा खतरे को देखते हुए हम देश की सबसे मजबूत सेना के तौर पर ताइवान की सुरक्षा के लिए अटूट संकल्प के साथ ‘एचआईएमएआरएस’ का अभ्यास जारी रखेंगे।' ताइवानी सेना ने बताया कि ताजा अभ्यास में उसने कम दूरी वाले प्रशिक्षण रॉकेट का इस्तेमाल किया, जो समुद्र तट से बहुत दूर नहीं जाते और पानी में गिर जाते हैं।

 

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ताइवान को बागी प्रांत मानता है चीन

चीन ताइवान को एक बागी प्रांत मानता है। उसका कहना है कि भविष्य में ताइवान को कभी न कभी चीन के नियंत्रण में आना ही होगा। वह लगभग हर दिन ताइवान के पास युद्धपोत और विमान भेजता है और हाल के वर्षों में द्वीप के आस-पास बड़े सैन्य अभ्यास भी किए हैं। अमेरिका ताइवान को एक स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता नहीं देता, लेकिन वह बल प्रयोग के जरिये द्वीप की स्थिति बदलने का विरोध करता है और उसकी सुरक्षा के लिए हथियारों का मुख्य आपूर्तिकर्ता है।

कैसे काम करता है एचआईएमएआरएस?

‘एचआईएमएआरएस’ ट्रक पर तैनात रॉकेट का एक समूह है, जिससे एक गुप्त स्थान से रॉकेट और मिसाइल दागी जा सकती हैं और फिर तुरंत उसे तुरंत दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता है, ताकि दुश्मन उसकी लोकेशन भांपकर उस पर जवाबी हमला न कर पाए। 

 

अधिकारियों के मुताबिक, ताइवान के पश्चिम तट पर जारी सैन्य अभ्यास के दूसरे दिन ‘एचआईएमएआरएस’ से ताइवान की ओर रॉकेट दागे गए। उन्होंने बताया कि इस अभ्यास में 155एमएम होवित्जर का भी परीक्षण किया गया।