तेलंगाना में 42 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अब राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के हथियारबंद लड़ाकों ने मुख्य धारा में आने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में से 11 तेलंगाना राज्य समिति (TSC) से जुड़े हुए थे। राज्य के पुलिस महानिदेशक बी शिवधर रेड्डी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

'पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी' (PLGA) बटालियन का कमांडर सोडी मल्ला उर्फ ​​केशल उन 42 माओवादियों में शामिल है, जिन्होंने मुख्यधारा में शामिल होकर तेलंगाना के डीजीपी के सामने हथियार डाल दिए।

यह भी पढ़ें: नक्सल मुक्त भारत: अमित शाह का प्लान, तारीफ विजय शर्मा की क्यों हो रही है?

नक्सलमुक्त हुआ तेलंगाना 

डीजीपी ने कहा कि CPI (M) की तेलंगाना राज्य समिति के सभी नेताओं के आत्मसमर्पण के बाद शेष टीएससी कैडर को निष्क्रिय कर दिया गया है और टीएससी का अब कोई अस्तित्व नहीं है। उन्होंने बताया कि 42 माओवादियों ने पांच एके-47 राइफल, चार SLR राइफल, दो देसी ग्रेनेड, 1,007 कारतूस और 800 ग्राम सोने सहित 36 बमों के साथ आत्मसमर्पण किया।


DGP ने कहा, 'आज 42 माओवादियों के आत्मसमर्पण के साथ तेलंगाना राज्य समिति को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है, जिससे राज्य में इसकी संगठनात्मक उपस्थिति पूरी तरह से समाप्त हो गई है। तेलंगाना सशस्त्र लड़ाकों और नक्सलवाद से पूरी तरह से मुक्त है।'

कैसे चल रहा राज्य में ऑपरेशन?

पुलिस ने कहा है कि माओवादियों की सबसे हथियारबंद यूनिट में से एक PLGA के बाकी अडंरग्राउंड कैडर अत्याधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करना पीएलजीए के पूर्ण विघटन के बराबर है। जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलिस अलग-अलग क्षेत्रों में माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी का पता लगाने के लिए आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की मदद ले रही है, तो डीजीपी ने हां में जवाब दिया।

बी शिवधर रेड्डी, DGP, तेलंगाना:-
बिल्कुल। इसमें गलत क्या है? आईईडी और प्रेशर बम आम नागरिकों, किसानों, पशुपालकों और प्रभावित क्षेत्रों में यात्रा करने वालों के लिए खतरा हैं। हम उनकी मदद से इन्हें हटा देंगे।

बी शिवधर रेड्डी ने कहा, 'आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की ओर से सौंपे गए एके-47 और अन्य हथियार मूल रूप से पुलिस या CRPF के थे और इनका उपयोग केवल वर्दीधारी कर्मियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है और वे अपने रिश्तेदारों, दोस्तों से मिल सकते हैं और मीडिया से बातचीत कर सकते हैं।'

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में 108 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 3.95 करोड़ का था इनाम

 

 

तेलंगाना में अब तक कितने लोगों ने समर्पण किया?

साल 2024 और 2026 के बीच कुल 761 माओवादियों ने 302 हथियारों के साथ तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। तेलंगाना पुलिस को भी वामपंथी उग्रवाद खत्म करने में अहम कामयाबी मिली है। साल 2026 के दौरान तेलंगाना में कुल 205 भूमिगत माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

तेलंगाना में 2023 से ही घट रहा था कैडर

तेलंगाना से जुड़े माओवादी कैडर में आई भारी गिरावट का जिक्र करते हुए पुलिस ने कहा कि 2023 में उनकी संख्या 125 थी, जो 2026 में घटकर पांच रह गई है।