कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम मंदिर को मिले चंदे और सोने के कथित गबन को लेकर केंद्र सरकार और संघ परिवार पर तीखा हमला बोला है। केसी वेणुगोपाल ने इसे भारत में किसी धार्मिक स्थल पर अब तक की सबसे बड़ी लूट करार दिया। उन्होंने सवाल किया कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप क्यों हैं।

 

केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर मंदिर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगेगी। इस लूट ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रभावित किया हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि 'हम इस मुद्दे को पूरे देश में उठा रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इस मामले पर चुप हैं। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस की एक एसआईटी गठित की गई है और इसके पीछे असली दोषियों को बचाने की मंशा है।

 

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केसी वेणुगोपाल ने क्या दावा किया ?

वेणुगोपाल ने दावा किया कि केवल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच से ही इस कथित लूट के असली दोषियों का पता चल सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जैसे संघ परिवार के संगठनों ने पिछले 20-25 वर्षों से मंदिर के नाम पर श्रद्धालुओं से चंदा इकट्ठा किया और अब उसी धन और सोने की लूट हुई है।

वेणुगोपाल ने लगाया आरोप

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि यह सब मंदिर ट्रस्ट के उन पदाधिकारियों के रहते हुआ हैं, जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की निगरानी में की गई थी। वे आरोप लगाते हुए कहते है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस वास्तविक रूप से आस्तिक नहीं हैं। उनकी दिलचस्पी केवल हिंदुओं के नाम पर लूट करने और वोटों के लिए लोगों को बांटने में है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ लूट नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था पर हमला है।'

 

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'राजनीतिक मकसद के लिए भगवान का इस्तेमाल'

वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के लिए यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। वे आरोप लगाते हुए कहते है कि इसके विपरीत बीजेपी और आरएसएस ने 'अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भगवान का इस्तेमाल किया है'। वेणुगोपाल ने यह सवाल भी उठाया कि भाजपा की केरल इकाई इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं , यह चुप्पी इस बात का संकेत है कि वे असली दोषियों को बचाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के संबंध में भी इसी तरह की लूट के आरोप सामने आ रहे हैं।