खेल के मैदान में अक्सर भारत और पाकिस्तान के बीच हाथ न मिलाने पर तनाव होता है। पहलगाम हमले के बाद भारतीय टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज करती है। पाकिस्तान ने इसे खूब मुद्दा बनाया। इस बीच सेना की चिनार कोर की एक फोटो की खूब चर्चा है। इसमें भारतीय सेना और पाकिस्तान सेना के अधिकारी हाथ मिलाते दिख रहे हैं। फोटो में दोनों तरफ के अन्य जवान भी मौजूद हैं। आइये जानते हैं कि पूरा मामला क्या है?
12 जून को एक पाकिस्तानी नागरिक नियंत्रण रेखा पार करके भारत आ गया था। छह दिन बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजा। हाथ मिलाने वाली यह फोटो वापसी के दौरान की है।
पाकिस्तानी नागरिक गलती से नियंत्रण रेखा पार कर कुपवाड़ा के सिमरी गांव पहुंचा था। खुफिया जानकारी मिलने के बाद सेना ने उसे 12 जून को पकड़ा था। पाकिस्तानी शख्स की पहचान असद खान के तौर पर हुई थी। वह खैबर पख्तनूख्वा का रहने वाला है। जांच पड़ताल के बाद सेना ने पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेज दिया है।
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दरअसल, जब कोई नागरिक गलती से सीमा पर करता है, तब दोनों देशों के सैन्य या बॉर्डर सिक्योरिटी के बीच फ्लैग मीटिंग होती है। इसमें बताया जाता है कि शख्स गलती से सीमा पार कर गया है। जांच पड़ताल और सहमति के बाद वापसी सुनिश्चित की जाती है। सैन्य शिष्टाचार के मुताबिक हाथ मिलाना आम बात है।
सेना की चिनार कोर ने जो फोटो साझा की है, वह पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजने के समय की है। भारतीय सेना के अधिकारी ने सैन्य शिष्टाचार का परिचय देते हुए अपने पाकिस्तानी समकक्ष से हाथ मिलाया, लेकिन पहलगाम हमले के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल है। यही कारण है कि इस फोटो को दुर्लभ माना जा रहा है।
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भारतीय सेना ने क्या कहा?
चिनार कोर ने एक्स पर लिखा, 'खैबर पख्तूनख्वा के रहने वाले पाकिस्तानी नागरिक असद खान को 18 जून 2026 को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया है। असद को 12 जून को नियंत्रण रेखा पार करने के बाद कुपवाड़ा के सिमरी गांव में पकड़ा गया था। भारत में असद खान के साथ सम्मान और करुणा का व्यवहार किया गया। यह मानवीय मूल्यों और आचरण के प्रति भारतीय सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी भारतीय सेना के लोकाचार, जिम्मेदारी और सैन्य व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों के पालन को रेखांकित करती है।'


