तृणमूल कांग्रेस के एक और नेता प्रवर्तन निदेशालय के निशाने पर आ गए हैं। सोमवार को ED ने TMC के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के कुल 7 ठिकानों पर छापा मारा। ED  के अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पहले से चल रही जांच के सिलसिले में की गई है।

 

ED के अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी राजधानी दिल्ली में स्थित नदीमुल हक के आवास पर भी की जा रही है। ED की दिल्ली टीम यहां छापेमारी कर रही है और कोलकाता के एक पते के अलावा कुल 7 जगहों पर छापेमारी की जा रही है। पत्रकारिता से जुड़े रहे नदीमुल हक अखबार-ए-मशरिक नाम से एक अखबार भी चलाते हैं। 

 

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ED के अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी दिल्ली और कोलकाता के अलावा रांची में भी हुई है। यह मामला अखबार-ए-मशरिक के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का बताया जा रहा है। इतना ही नहीं, आऱोप है कि यह अखबार सांप्रदायिक वैमनस्यता को बढ़ावा देने वाली चीजें छाप रहा है और संदिग्ध स्रोतों से पैसे ले रहा है। नदीमुल हक इस अखबार के डायरेक्टर हैं।

कौन हैं नदीमुल हक?

मोहम्मद नदीमुल हक साल 2012 में पहली बार राज्यसभा के सांसद बने। वह मूल रूप से पत्रकार और कारोबारी रहे हैं। राज्यसभा पहुंचने से पहले वह पश्चिम बंगाल सरकार की प्रेस एक्रिडिएशन कमेटी और कोलकाता नगर निगम के एक बोर्ड के सदस्य थे। 2018 में टीएमसी ने उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजा और 2024 में वह तीसरी बार राज्यसभा के सदस्य चुने गए। वह मौजूदा वक्त में वक्फ मामलों पर बनी संयुक्त समिति के अलावा कई अन्य समितियों के भी सदस्य हैं। 

 

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57 साल के नदीमुल हक की पत्नी का नाम फराह खान है। नदीमुल एक बेटी और एक बेटे के पिता हैं। उन्होंने कोलकाता यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में बीए की पढ़ाई की है।


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