कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आने वाली किताब को लेकर भारत में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग इस किताब को लेकर चर्चा कर रहे हैं लेकिन अब इस किताब को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। किताब का नाम 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) है और यह 10 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इसी बीच खबर फैली की पेंगुइन रैंडम हाउस ने इस किताब को पब्लिश करने से मना कर दिया है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पब्लिशर ने इस किताब में कुछ बदलाव करने के लिए कहा था जिस पर विवाद हुआ था। अब पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सफाई दी है।

 

पेंगुइन ने विवाद बढ़ने के बाद शुक्रवार को इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। बयान में कहा कि वह भारत में इस किताब को पब्लिश नहीं करेगी। यह कहना सही नहीं है कि सोनिया गांधी के एडिटोरियल बदलाव करने से इनकार करने के बाद उसने किताब प्रकाशित करने से हाथ खींच लिया है।

 

यह भी पढ़ें: रेस्क्यू में दूसरे देशों की मदद नहीं लेगा नेपाल, वजह 2015 का भूकंप कैसे है?

 

कैसे शुरू हुआ विवाद?

इससे पहले द इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पेंगुइन ने किताब के एक हिस्से में कुछ एडिटोरियल बदलाव करने और कुछ हिस्से हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, लेखकों ने पेंगुइन की इन मांगों को मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भारत में किताब को पब्लिश करने को लेकर पेंगुइन के साथ बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद बवाल शुरू हो गया और पेंगुइन इंडिया पर लोग सवाल उठाने लगे। 

सोनिया गांधी से क्या बात हुई?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि वह इस किताब को पब्लिश करने में दिलचस्पी रखती थी। कंपनी के मुताबिक, पब्लिशिंग के दौरान किसी किताब के तथ्यों की जांच करना और लेखक को जरूरी सुझाव देना पब्लिशर की जिम्मेदारी होती है। कंपनी ने इसे पब्लिशिंग प्रोसेस का सामान्य हिस्सा बताया है। इसके साथ ही कंपनी ने बताया कि उनकी सोनिया गांधी से इस मामले में बातचीत हुई थी।

 

कंपनी ने यह भी कहा कि सोनिया गांधी के साथ किताब को लेकर हुई बातचीत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। पेंगुइन के मुताबिक, बातचीत गोपनीय थी और वह इसके बारे में आगे कोई जानकारी नहीं देगी। कंपनी ने कहा कि बातचीत के दौरान वह किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार थी।

 

यह भी पढ़ें: बचपन का सपना, लव साइन और दे ताली, PM मोदी ने बच्चियों संग यूं मनाया रक्षाबंधन

क्यों खास है यह किताब?

यह किताब भारत की राजनीति के दशकों तक केंद्र में रहने वाली सोनिया गांधी के बारे में है। इस किताब के लिए लोग इतने उत्सुक क्यों है इसका अंदाजा सोनिया गांधी के बयान से ही लगाया जा सकता है। सोनिया गांधी ने कहा, 'अपने जीवन के बारे में लिखना मेरे लिए आसान नहीं था। इसका मतलब था खुद को खोलना और उन पलों व अनुभवों को शेयर करना जिन्हें मैंने हमेशा अपने भीतर गहराई से संभालकर रखा था।' यानी इस किताब में सोनिया गांधी के निजी जीवन के बारे में लोगों को जानने को मिलेगा।