जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक ने सरला भट्ट हत्याकांड में केस नहीं लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कोर्ट से फांसी की सजा देने का अनुरोध किया है। यासीन मलिक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। उसके वकील अबू आदिल पंडित ने 2 सितंबर 2026 को श्रीनगर के TADA
प्रिवेंशन ऑफ टेररिज्म एक्ट (POTA), 2002 कोर्ट में 25 पेज का बयान दाखिल किया है। अदालत ने इस पर 19 सितंबर 2026 को जवाब के लिए तारीख तय की है।
यासीन मलिक ने बयान में कहा कि उसे इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। उसने साफ कहा कि यह फैसला अपराध स्वीकार करने वाला नहीं है। उसने अपनी पत्नी मुशाल मलिक से कहा है कि वह 20 साल छोटी है। वह नहीं चाहता कि पत्नी उनके हालात का बोझ ढोए। उसने कहा है कि वह अब निकाह के बंधन से आजाद है। यासीन मलिक ने बेटी राजिया सुल्ताना से कहा कि वह दादी को रोज कम से कम पांच मिनट फोन करें।
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यासीन मलिक, अपनी पत्नी मुशाल मलिक से:-
तुम मुझसे 20 साल छोटी हो। मैं तुमसे गुजारिश करता हूं कि इज्जत और उम्मीद के साथ अपनी जिंदगी का एक नया हिस्सा शुरू करने की हिम्मत जुटाओ। मैं तुम दोनों से हमेशा प्यार करूंगा, इज्जत करूंगा और तुम्हें याद रखूंगा। फांसी पर चढ़ने से पहले मैंने तुम्हें निकाह के बोझ से अलग करने का फैसला कर लिया है। मुझे नहीं पता कि मैं तुमसे विदा कैसे लूंगा।
यासीन के अलावा दूसरे गुनहगार कहां हैं?
स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने इस साल जून में 737 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें यासीन मलिक के साथ खुर्शीद अहमद चालकू, अब्दुल हमीद शेख, मोहम्मद यूसुफ सोफी और गुलाम मोहम्मद टपलू को आरोपी बनाया गया है। खुर्शीद अहम फरार है। बाकी तीन आरोपी मर चुके हैं।
कौन थीं सरला भट्ट?
सरला भट्ट शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नर्स थीं। उनकी हत्या 18 अप्रैल 1990 को हुई थी। उनका शव श्रीनगर के बाहरी इलाके मालाबाग में मिला था। यासीन मलिक ने कहा कि उसे इस घटना की जानकारी फरवरी 1991 में आईबी अधिकारी से मिली थी।
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क्यों फांसी चाहता है यासीन मलिक?
उसने दावा किया कि 1990 में गिरफ्तारी के वक्त उसके खिलाफ यह मामला दर्ज नहीं हुआ था। यासीन मलिक ने जगमोहन की किताब का भी जिक्र किया। उसने कहा कि उसमें उस पर यह आरोप नहीं है। उसका साफ कहना है कि वह गुनहगार नहीं है लेकिन अब सरकार उसे फांसी ही दे दे। मलिक का कहना है कि यह मामला राजनीतिक हालात से जुड़ा है और उसे इसमें गलत तरीके से फंसाया गया है।
उसने कहा है कि मुकदमा न लड़ना अपराध कबूल करना नहीं है। यासीन मलिक ने कहा है कि पत्नी मुशाल मलिक उससे करीब 20 साल छोटी हैं। मलिक ने कहा कि वह नहीं चाहता है कि पत्नी उसके हालात का बोझ ढोए या विधवा की तरह जिंदगी बताए। इसलिए वह निकाह तोड़ने और फांसी की सजा की मांग कर रहा है।
