ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राज्य सम्मान 'ओलिय दराजली दुस्तलिक' दिए जाने पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिस बाबर को भारतीय जनता पार्टी के नेता पानी पीकर कोसते हैं, उसी के देश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वोच्च पुरस्कार लिया है, इस विषय में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) को अब सोचना चाहिए। 

असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी को तंज कसते हुए बधाई दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाते हैं, वहां से कोई न कोई पुरस्कार लेकर लौटते हैं। जिन देशों का वह अपमान करते हैं, वहीं के लोगों से सम्मान लेते हैं। अब राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ को यह सोचना चाहिए कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। 

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संघ को बाबर पर सोचना चाहिए

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ को इस पर सोचने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि संघ परिवार और आरएसएस के समर्थक अब बाबर के बारे में उस तरह की बातें नहीं करेंगे। भारतीय जनता पार्टी की नजर में मुगल और बाबर खलनाायक की तरह रहे हैं। जनसभाओं में खूब नाम लेते हैं, अब उसी बाबर के देश ने प्रधानमंत्री मोदी को सर्वोच्च सम्मान दिया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा है?

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'मैं BJP को बधाई देता हूं। जिस देश से बाबर भारत आया था, उसी देश ने प्रधानमंत्री को सम्मान दिया है। फरगना घाटी उज्बेकिस्तान में है। आजकल प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां से कोई न कोई सम्मान लेकर ही लौटते हैं। बधाई हो। आप बाबर के नाम गाली देते थे, फिर भी उसी देश के लोग अब आपको सम्मान दे रहे हैं। संघ को इस पर सोचना चाहिए। हमें उम्मीद है कि संघ परिवार के सदस्य और RSS समर्थक अब बाबर के बारे में उस तरह से बात नहीं करेंगे।'
 

असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM अध्यक्ष:-
इतनी गाली देते थे आप बाबर के नाप पर, उसी देश वाले अवार्ड दे रहे हैं आपको। सोचना पड़ेगा संघ वालों को इस बारे में। हमको तो गाली देते थे आप, बाबर के ये, बाबर को वह, उसी ने सिविलियन अवार्ड दे दिया आपको। हम उम्मीद करते हैं सघ परिवार के लोग, RSS के लोग, चाहने वाले लो, अपनी जुबान पर बाबर का नाम नहीं लेंगे, क्योंकि उसी फरगना वैली से, उज्बेकिस्तान में है, अब क्या कहेंगे नहीं मालूम। 

 

 

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कहां से आया था बाबर? 

बाबर फरगना घाटी से आया था। यह जगह, उज्बेकिस्तान में है। वह पहले काबुल में घुसा, फिर वहां सेना तैयार की और भारत पर आक्रमण किया। फरगना और समरकंद में सत्ता संघर्ष चल रही थी, जिसमें बाबर अपनी दावेदारी नहीं दिखा सका तो वहां से फरार हो गया। बाबर ने 1504 ईस्वी में काबुल पर कब्जा किया। इसके बाद 1526 ईस्वी में उसने सेना तैयार की और काबुल से ही भारत की ओर कूच किया। 

कैसे भारत में पड़ी मुगल साम्राज्य की नींव?

पानीपत की पहली लड़ाई में उसने  जीतकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी। पानीपत की पहली लड़ाई 21 अप्रैल 1526 को हुई थी। यह जंग बाबर और दिल्ली सल्तनत के सुल्तान इब्राहिम लोदी के बीच लड़ी गई थी। इसमें बाबर विजयी हुआ और इब्राहिम लोदी युद्ध में मारा गया।