बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के सर्वमान्य नेता नेता प्रशांत किशोर ने बीजेपी को हराकर भगवा पार्टी को झटका दे दिया है। बांकीपुर ने उन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार नीजर कुमार को 19,324 वोटों के मार्जिन से हराया। यह बीजेपी की पारंपरिक सीट रही है, जहां से खुद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पांच बार विधायक रह चुके हैं।

 

प्रशांत किशोर ने बीजेपी का विजयी रथ रोकते हुए कुल 64,151 वोट पाए। वहींस बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को महज 44,827 वोट ही हासिल हो सके। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी खिसककर तीसरे पायदान पर चली गई है।

 

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आरजेडी को मिले 14,085 वोट

 

राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार रेखा कुमारी 14,085 वोट हासिल करके तीसरे स्थान पर रहीं। अन्य उम्मीदवारों में प्रगतिशील जनता पार्टी के मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव को 950, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के तनवीर आलम को 847, भारतीय आम आवाम पार्टी के प्रदीप कुमार को 763 वोट मिले। 

 

 

 

 

'बीजेपी के अहंकार के लिए सबक'

 

प्रशांत किशोर की जीत को उनकी पार्टी से बाहर के कई नेताओं ने भी 'बीजेपी के अहंकार के लिए सबक' करार दिया। इनमें जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी शामिल हैं। भाकपा (माले) लिबरेशन विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की सहयोगी पार्टी है।

 

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जोरदार चुनाव प्रचार किया

 

तीस जुलाई को हुए मतदान से पहले कई दिनों तक प्रशांत किशोर और बीजेपी की ओर से जोरदार चुनाव प्रचार किया गया था। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चुनावी अनियमितताओं के आरोप लगाए और इस संबंध में निर्वाचन आयोग का भी रुख किया। 

 

आरजेडी ने जीत का किया स्वागत

 

1970 के दशक के जेपी आंदोलन के प्रमुख नेताओं में रहे वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा, 'बांकीपुर के जनादेश को हाल के छात्र आंदोलनों में दिखी बीजेपी के प्रति व्यापक असंतोष की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए। साथ ही प्रशांत किशोर को भी इसका श्रेय दिया जाना चाहिए, जिन्होंने असाधारण ऊर्जा और संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।'

 

आरजेडी के प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भी रिजल्ट पर खुशी जताई। उनकी पार्टी अक्सर प्रशांत किशोर को बीजेपी की 'बी टीम' बताती रही है। मगर, गगन ने कहा, 'हमारे लिए यह अधिक महत्वपूर्ण है कि बीजेपी अपने गढ़ में पराजित हुई, बजाय इसके कि जीत किसकी हुई।'