बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने 5 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने पाटलिपुत्रा कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर जन सुराज समर्थित उम्मीदवार जीतते हैं तो 7वां वेतनमान लागू कराया जाएगा।

 

पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, सारण शिक्षक क्षेत्र से आफाक अहमद को उम्मीदवार बनाया है। वहीं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कोसी स्नातक से रजनीश रंजन और दरभंगा स्नातक से रवींद्र यादव को टिकट दिया गया है। बाकी तिरहुत शिक्षक और स्नातक, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवारों की घोषणा अगले तीन-चार दिनों में की जाएगी।

 

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शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी जब शिक्षा की स्थिति सुधरेगी

 

प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लड़ाई पिछले कई सालों से व्यवस्था के साथ चल रही है। चाहे TRE परीक्षा का मामला हो, वेतनमान का मामला हो, गैर शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की संलिप्तता का मामला हो, वित्त रहित-वित्त पोषित संस्थाओं की कुव्यवस्था हो, उसको लेकर लंबे समय से मांग उठती रही है। शिक्षक समुदाय की जन सुराज से अपेक्षा है कि उनकी जायज मांगों या उनके आंदोलन की मदद के लिए खड़ा हो। 

 

शिक्षक समुदाय खुद कई संघों में बंटा है। कोई नियोजित शिक्षक, विद्यालय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, तो कोई वित्त रहित शिक्षक हैं, सबने अपना-अपना संगठन बना रखा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि हम लोगों की एक सोच है कि शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी। इस दौरान कई शिक्षकों से मुलाकात और बात के बाद ये तय किया गया है कि सभी शिक्षक संगठनों को एक साथ लाकर संघर्ष समिति बनाई जाएगी और उनकी जो 3 प्रमुख मांग हैं, जिसे जन सुराज आने वाले 2-3 साल तक शिक्षक साथियों के साथ मिलकर काम करेगा।

 

PK ने 3 प्रमुख मांगों को पूरा करने का किया ऐलान

 

प्रशांत किशोर ने शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि-

 

- पहली मांग 7वां वेतनमान लागू कराना है।
- दूसरी मांग वित्त रहित, वित्त पोषित शिक्षकों को शिक्षकों की श्रेणी में समायोजित करना है।
- तीसरी मांग शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाने पर उसके मानक तय किए जाएं।

 

उन्होंने कहा कि यह तीन मांग शिक्षकों की मांग नहीं, बल्कि जन सुराज की मांग होगी। जन सुराज उनकी लड़ाई लड़ेगी। हर हाल में लोकसभा चुनाव से पहले इन तीनों मांगों को सरकार से मनवाकर आपको दिया जाएगा।

 

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में शिक्षकों को कई तरह के गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाता है। जनगणना, चुनाव ड्यूटी, बीएलओ का काम, तरह-तरह के सर्वे में शिक्षकों को लगा दिया जाता है, जिससे पढ़ाई बाधित होती है। इसका एक मानक तय होना चाहिए कि शिक्षकों को किस काम में लगाया जाएगा और किसमें नहीं। 

 

उन्होंने कहा कि वित्त रहित और वित्त पोषित शिक्षकों के साथ वर्षों से अन्याय हो रहा है। उन्हें शिक्षक की श्रेणी में ही नहीं रखा गया है। जन सुराज इन सभी शिक्षकों को मुख्यधारा में लाने के लिए संघर्ष करेगा।

 

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स्नातक क्षेत्र में हजारों बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का वादा

 

वहीं प्रशांत किशोर ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के लिए भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैं अपने पढ़े-लिखे सभी स्नातक के मतदाताओं से अपील कर रहा हूं कि स्नातक के जो विधान परिषद के चुनाव हो रहे हैं, आप पढ़े-लिखे हैं। जो घोषणा हमने चुनाव जीतने के बाद बांकीपुर के युवाओं के लिए की है, अगर आपके स्नातक क्षेत्र से जन सुराज का प्रत्याशी जीतकर विधान परिषद पहुंचता है तो मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जो घोषणा मैंने बांकीपुर के पढ़े-लिखे बेरोजगार मतदाताओं के लिए 10 हजार नौकरी देने की बात कही है, उसके तहत हर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी 10-10 हजार बेरोजगार युवकों को नौकरी दी जाएगी। 

 

उन्होंने कहा कि नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी जन सुराज, जीते हुए प्रत्याशी और मेरी होगी। यह सिर्फ वादा नहीं, बल्कि गारंटी है।