नितिन नवीन जनवरी 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष बने। उनके चुनाव में पहली बड़ी कामयाबी पश्चिम बंगाल में मिली लेकिन 2027 का साल उनके लिए चुनौतियों भरा है। कुल 7 राज्यों में चुनाव होने हैं और इन 7 में से 5 में तो बीजेपी की ही सरकारें हैं। अब नितिन नवीन की नई टीम भी बन गई है और इस नई टीम को चुनावी राज्यों के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हैरानी की बात है कि 7 में 3 राज्य ऐसे हैं जहां से किसी भी प्रतिनिधि को नितिन नवीन की टीम में नहीं रखा गया है। कुल 65 लोगों की इस टीम में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और पंजाब के नेताओं को मौका मिला है लेकिन गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश से एक भी नेता को नहीं रखा गया है। इन सभी राज्यों में 2027 में ही चुनाव होने हैं।

 

नितिन नवीन की टीम को देखकर ऐसा लगता है कि सबसे ज्यादा फोकस उत्तर प्रदेश और पंजाब पर रखा गया है। इन दोनों ही राज्यों में 2027 की शुरुआत में ही चुनाव होने हैं। ऐसे में इन दोनों राज्यों को मिलाकर ही कुल 12 नेताओं को शामिल किया गया है। वहीं, उत्तराखंड के कुल 4 और गुजरात से कुल 4 नेताओं को जगह मिली है। बता दें कि बीजेपी की इस नई टीम में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी जगह दी गई है। यूपी से दो और उत्तराखंड, गुजरात और पंजाब से एक-एक नेता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।

UP पर सबसे ज्यादा जोर

बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से कुल 8 नेताओं को नितिन नवीन की टीम में शामिल किया है। इसमें दो राष्ट्रीय उपाध्यक्ष,  दो राष्ट्रीय महामंत्री, दो राष्ट्रीय मंत्री और दो मोर्चों के अध्यक्ष शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के इन 8 नामों में हारे हुए पूर्व सांसदों स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी का भी नाम है। रोचक बात है कि बीजेपी ने 65 लोगों की टीम में जिन दो मुस्लिम चेहरों को रखा है वे दोनों ही उत्तर प्रदेश हैं। कुंवर बासित अली को अब बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, तारिक मंसूर एक बार फिर से बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।.

 

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ओबीसी समुदाय से आने वाली सांसद रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, यादव जाति की संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री, अनुसूचित जाति के भोला सिंह को राष्ट्रीय मंत्री, मौर्य जाति के अमरपाल मौर्य को बीजेपी के ओबीसी मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष और ब्राह्मण जाति के हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है।

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पंजाब में क्या है दांव?

पंजाब में बीजेपी अलग-अलग तरीकों से समीकरण साधने में लगी हुई है। इसी क्रम में एक उपाध्यक्ष पंजाब से भी बनाया गया है। लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल में रहे मनप्रीत बादल ने कुछ साल के लिए अपने चाचा प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ जाकर पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब बनाई थी। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हुए और फिर 2023 में बीजेपी में शामिल हो गए।

 

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पंजाब के वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल 2012 और फिर 2022 में उसी गिद्दड़बाहा सीट से चुनाव हार चुके हैं जहां से प्रकाश सिंह बादल 5 बार और फिर मनप्रीत सिंह बादल खुद चार बार विधायक रहे थे। अब इन्हीं मनप्रीत बादल पर बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है और उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है।

 

मनप्रीत बादल के अलावा तीन और नियु्क्तियां ऐसी हैं जो परोक्ष रूप से पंजाब से जुड़ी हुई हैं। पहले बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे सौदान सिंह को अब राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। वह चंडीगढ़ से काम करते रहे हैं हैं इसलिए संगठन के स्तर पर पंजाब में भी उनका दखल तय माना जा रहा है। हाल ही में राज्यसभा सांसद बने तरुण चुघ पंजाब बीजेपी का कामकाज पहले से ही देखते रहे हैं। पंजाब से ही आने वाले तरुण चुघ को अब बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है।

 

चौथा नाम सबसे चौंकाने वाला रहा है। आम आदमी पार्टी में लंबे समय से काम कर रहे संदीप पाठक को अब बीजेपी ने राष्ट्रीय मंत्री बनाया है। 2022 में पंजाब में AAP की जीत के सूत्रधार माने जाने वाले संदीप पाठक रणनीति, डेटा के एक्सपर्ट माने जाते हैं और चुनावी अभियान में बैकरूम से काम करने में काफी अनुभवी हैं। ऐसे में पंजाब चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने उन्हें भी राष्ट्रीय मंत्री का पद दिया है। 

 

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उत्तराखंड वाले क्या करेंगे?

उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को बीजेपी ने उपाध्यक्ष बनाकर यह संदेश दे दिया है कि अभी उनका करियर खत्म नहीं हुआ है और उनकी भूमिका आने वाले समय में बेगद अहम हो सकती है। पार्टी दफ्तर का काम देखने वाले महेंद्र पांडे को बीजेपी ने अब राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री बनाया है। यानी वह अभी भी पार्टी के दफ्तर का कामकाज देखते रहेंगे। गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी को फिर से मीडिया संयोजक बनाया गया है। वहीं, सोशल मीडिया टीम में आलोक भट्ट को सह संयोजक का पद दिया गया है। 

गुजरात पर भी है बीजेपी का जोर

बीजेपी के सबसे मजबूत किले यानी गुजरात में भी अगले साल चुनाव हैं। बीजेपी ने दो बार की विधायक रहीं वर्षा दोशी का टिकट 2017 में काट दिया था। 2022 में भी उसी सीट से विधायक रहे नेता का टिकट कटा लेकिन वर्षा दोशी मौका नहीं मिला। अब उन्हीं वर्षा दोशी को बीजेपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बना दिया है। वहीं, 2019 के उपचुनाव में गुजरात की अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक बने जगदीश ईश्वरभाई पटेल को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। कांग्रेस से आए रोहन गुप्ता को भी राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है। गुजरात के खाते में एक और बड़ा पद आया है।

 

वडोदरा के लोकसभा सांसद हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया है। इससे पहले, बीजेपी के सांसद तेजस्वी सूर्या यह पद संभाल रहे थे।

 

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बता दें कि 2027 में ही मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गोवा में भी विधानसभा के चुनाव होने हैं। हालांकि, इन तीनों ही राज्यों से किसी को भी नितिन नवीन की टीम में नहीं रखा गया है। माना जा रहा है कि इन राज्यों के कुछ नेताओं को केंद्रीय कैबिनेट में होने वाले फेरबदल के तहत जगह मिल सकती है।