कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के घटक दलों के सांसदों के विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रियंका गांधी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि पहली बार सत्ता पक्ष के सांसदों को प्रदर्शन करते देखा है और विपक्ष ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है।
प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि अब गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों पर कार्रवाई के विषय पर सदन में आकर बयान देना चाहिए। NDA के सांसद, संसद में राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। झारखंड में सरकारी नौकरियों में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर उन्होंने आक्रोश जताया है।
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प्रियंका गांधी, सांसद, कांग्रेस:-
मैंने पहली बार देखा है कि सत्तापक्ष के सांसद विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। कम से कम हमने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर तो कर दिया है। अब अमित शाह सदन में आएं और बयान दें।
BJP सांसद प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
कंगना रनौत , सांसद, बीजेपी:-
अब जब चर्चा हम करने को तैयार हैं तो राहुल गांधी भगोड़े बने हुए हैं। वह अमित शाह को सुनना नहीं चाह रहे हैं तो कैसे संसद चलेगा। देश इनकी करतूत देख रहा है इन्होंने इस बार एक दिन भी संसद चलने नहीं दिया है। जो कि शर्मनाक बात है।
कांग्रेस-SP के सांसदों ने क्या कहा?
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा,'शिक्षा पर जब दो दिन चर्चा हुई जिस पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अपनी बात रखी जिस पर बीजेपी सरकार की तरफ से कई वक्तव्य आए और जितेंद्र सिंह जी ने अपनी बात रखी। तब अमित शाह जी कहां थे? तब चर्चा में क्यों भाग नहीं लिया।'
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गौरव गोगोई, सांसद, कांग्रेस:-
15 दिन से हम मांग कर रहे हैं कि वो सदन में आए तब वह कहां थे? जब चर्चा हुई तब अनुपस्थित रहेंगे और सदन के आखिरी समय में वह प्रकट होंगे अब वो चर्चा करना चाहते हैं तो ये उनका पाठशाला नहीं है न ही उनका कार्यशाला है ये सदन जिम्मेदारी का है। पैलेट गन चलाने का निर्देश कहां से आया? क्या उनके कार्यालय से आए या उनको नहीं पता था दोनों चीजों की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अपना इस्तीफा देना चाहिए और चंदा चोरी जो महत्वपूर्ण विषय है उस पर चर्चा शुरू कीजिए।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा,'इतने दिन से हम कह रहे हैं कि अमित शाह सदन में आए और बयान दें। पैलेट गन किसने चलाया, छात्रों पर लाठी चार्ज किसने किया? इसका जवाब दें।'
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समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, 'हम दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं, लेकिन गृह मंत्री सदन में आकर बयान देने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि RTI से मिली जानकारी से पता चलता है कि कम से कम दस बच्चे पैलेट गन से घायल हुए हैं। यह सरकार के पहले के उन दावों के बिल्कुल उलट है कि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया गया था, जिससे साबित होता है कि वे झूठ बोल रहे थे।'
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने क्या कहा?
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, 'झारखंड के छात्रों के साथ वार्ता हो चुकी है। उसमें कांग्रेस, JMM, RJD के मंत्री शामिल थे। छात्रों की 98 फीसदी मांगे मान ली गई है केवल 2 मांग है जो सरकार के दायरे में नहीं है। CGL का मामला कोर्ट से है। उसमें बहुत लोग नौकरी कर रहे हैं। इसे रद्द करना दायरे में नहीं है अगर कर देंगे तो बहुत से युवाओं के साथ अन्याय होगा। इसके लिए भी मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसे भी देंखेंगे लेकिन थोड़ा वक्त चाहिए। छात्र मान गए थे लेकिन बीजेपी छात्रों को उकसा रही थी।'
संसद में क्यों हो रहा है विरोध प्रदर्शन?
NDA सांसदों ने झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस के बलप्रयोग के खिलाफ मंगलवार को संसद परिसर में मार्च निकाला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से जवाब की मांग की। प्रदेश में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस भी शामिल है।
