पंजाब में आम आदमी पार्टी और बंगाल में टीएमसी के बाद अब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) दोबारा टूटने की कगार पर खड़ी है। संसदीय दल की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के सिर्फ तीन लोकसभा सदस्य ही पहुंचे, जबकि छह ने बैठक से दूरी बनाए रखी। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'इन गद्दारों को विश्वासघात की कीमत चुकानी पड़ेगी।'

 

अरविंद सावंत और मुख्य सचेतक अनिल देसाई ने गुरुवार सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित शिवसेना (यूबीटी) के संसद कार्यालय में सांसदों की बैठक बुलाई थी। इसमें सिर्फ अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई उपस्थित थे। बाकी छह सांसदों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं। बैठक में न पहुंचने वाले सांसदों की भागेदारी लगभग दो-तिहाई बन रही है।

 

 

 

 

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उधर, संजय राऊत ने सांसदों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह सचेतक और दल के आदेशों का उल्लंघन है। कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा

संजय राउत ने कहा, 'बैठक में तीन लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। मैं राज्यसभा से हूं। जो सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और जवाब मांगा जाएगा। हम उनकी सदस्यता रद्द करने पर विचार करेंगे।'

 

राउत ने आगे सवाल किया कि जब हम कल स्पीकर से मिले थे तो एक फोटो जारी हुई। अगर बाकी 6 सांसद लोकसभा अध्यक्ष से मिले हैं तो उसकी तस्वीर दिखाएं। इसे रणनीति नहीं, बल्कि धोखा कहा जाता है। वे अभी भी हमारी पार्टी के सदस्य हैं और हमारे चुनाव चिह्न पर जीते हैं। अगर उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बीजेपी ने देश की राजनीति को गंदा कर दिया है। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

 

 

 

 

संजय राउत ने कहा, 'आप टीवी पर देख सकते हैं, इन लोगों के क्षेत्र में जनता सड़कों पर उतरी है। इस बार एकनाथ शिंदे और इन गद्दारों को इस विश्वासघात की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भाजपा को भी राजनीति को गंदा करने की कीमत चुकानी होगी। अरविंद सावंत अयोग्यता पत्र के लिए दस्तावेज तैयार कर रहे हैं।'

 

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सात दिन में देना होगा जवाब

सांसद अरविंद सावंत ने कहा, 'बैठक में नहीं पहुंचे सांसदों ने पार्टी के साथ धोखा किया है। हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने जा रहे हैं। उन्हें शाम तक नोटिस मिल जाएगा। अगर वे नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। हम स्पीकर और सांसदों को भी पत्र लिखेंगे।'

क्या है ऑपरेशन टाइगर?

2022 में एकनाथ शिंदे ने बड़ी संख्या में विधायकों को तोड़कर शिवसेना को दो फाड़ कर दिया था। अब चार साल बाद उद्धव गुट एक और फूट की आशंका से जूझ रहा है। महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा है। खबरों के मुताबिक उद्धव गुट के सात सांसद एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में है। दो-तिहाई से अधिक सांसद पाला बदलने पर विचार कर रहे हैं।