बिहार में पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उसी दौरान कथित गोलीबारी और लाठीचार्ज को लेकर तेजस्वी डीजीपी (DGP) से मिले। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर संबंधित जिले के एसपी सहित फायरिंग का आदेश देने वाले सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
डीजीपी (DGP) से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी ने कहा कि सरकार एक पुलिसकर्मी को बलि का बकरा बनाकर पूरे मामले को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर गोली चलाने का आदेश किस स्तर से आया, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। केवल निचले स्तर के कर्मी जिम्मेदार नहीं हैं। आदेश देने वाले बड़े अफसरों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस पूरी घटना पर सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा।
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DGP को सौंपी 5 मांग
तेजस्वी ने डीजीपी को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें 5 प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
1.तथ्य सार्वजनिक हों- छात्रों पर हुई कथित गोलीबारी की पूरी घटना की तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक की जाए।
2.जांच- फायरिंग की परिस्थितियों, आदेश देने वाले अधिकारियों और पूरी पुलिस कार्रवाई की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3.SOP की जांच-भीड़ नियंत्रण के दौरान GRAP और SOP का पालन हुआ या नहीं, इसकी जांच हो।
4.FIR दर्ज ह- फायरिंग का आदेश देने वाले सभी वरिष्ठ अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
5. न्यायिक जांच- पूरे मामले की न्यायिक जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
तेजस्वी ने कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन में घातक हथियारों का प्रयोग बेहद गंभीर है। यदि जवाबदेही तय नहीं की गई तो यह कानून के शासन के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि न तो देश के गृह मंत्री और न ही बिहार सरकार ने अब तक संतोषजनक जवाब दिया है।
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पेपर लीक युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
नेता प्रतिपक्ष ने पेपर लीक को भी बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि पिछले महीने बिहार के कई जिलों में पेपर लीक के खिलाफ छात्र सड़क पर उतरे थे। कई जगहों पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव, पथराव और लाठीचार्ज हुआ। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक के असली नेटवर्क और सरगनाओं को बचा रही है। छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
इसके बाद तेजस्वी ने कहा कि तक माफिया और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई नहीं होगी, पेपर लीक नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अपराध, पेपर लीक और पुलिस की मनमानी से छात्र-युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अपील की कि वे बिहार आकर छात्रों से मिलें और सरकार से जवाब मांगें। यह किसी एक दल का मुद्दा नहीं, बिहार के करोड़ों युवाओं के भविष्य का सवाल है।
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CM से मांगा जवाब
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री से सीधे जनता के सामने आने और जवाब देने की मांग की। उन्होंने पूछा कि आखिर छात्रों पर गोली चलाने की नौबत क्यों आई और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को पुलिस की जवाबदेही तय करनी होगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए दिशा-निर्देश जारी करने होंगे। अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो राष्ट्रीय जनता दल ( RJD) सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
