उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने सियासी मैदान में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पीडीए रथयात्रा के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्रा निकालकर अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। 3 से 5 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और शिवराज सिंह चौहान के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मोर्चा संभालेंगे।
पार्टी ने इन पदयात्राओं के लिए वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। चुनाव से पहले इस अभियान को बीजेपी की संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने और विपक्ष के खिलाफ राजनीतिक संदेश देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी की ये पदयात्राएं 3 नवंबर से 5 नवंबर तक प्रदेश के छह क्षेत्रों में आयोजित होंगी।
यह कार्यक्रम पार्टी के महीनेभर चलने वाले 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता खत्म करो' अभियान का हिस्सा है। पार्टी का प्रयास है कि इन कार्यक्रमों के जरिए कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों तक भी अपनी बात पहुंचाई जाए। पदयात्राओं में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से संगठन को सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को गति देने की कोशिश होगी।
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शिवराज लखनऊ, नड्डा बरेली में संभालेंगे कमान
पदयात्राओं की शुरुआत तीन नवंबर को होगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में अवध क्षेत्र की पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ब्रज क्षेत्र के बरेली में मार्च की अगुवाई करेंगे। दोनों वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के जरिए पार्टी इन क्षेत्रों में अपना राजनीतिक संदेश मजबूत करने की तैयारी में है।
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नितिन नवीन गोरखपुर, केशव प्रयागराज में
4 नवंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन गोरखपुर में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज में मार्च की कमान संभालेंगे। पूर्वांचल और प्रयागराज क्षेत्र में इन कार्यक्रमों को अहम माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश है कि राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश के प्रमुख चेहरों की भागीदारी से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया जाए।
योगी गाजियाबाद, ब्रजेश पाठक कानपुर में
पांच नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। इसी दिन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कानपुर में मार्च की अगुवाई करेंगे। इस तरह तीन दिनों में प्रदेश के छह प्रमुख क्षेत्रों में बीजेपी के बड़े नेता सड़क पर उतरकर पार्टी के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
सिविल सोसाइटी को भी जोड़ने की तैयारी
बीजेपी इन पदयात्राओं में केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी की योजना में सिविल सोसाइटी यानी नागरिक समाज के सदस्यों को भी शामिल करना है। इसके जरिए अभियान को व्यापक स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी का राजनीतिक संदेश है कि विपक्ष अपने विरोध प्रदर्शनों के जरिए देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी इन पदयात्राओं के माध्यम से विपक्ष के इस नैरेटिव का जवाब देने की तैयारी में है।
विपक्ष पर बीजेपी का हमला
यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि देश की जनता विपक्षी गठबंधन को बार-बार नकार चुकी है। लोगों को संवैधानिक संस्थाओं पर पूरा भरोसा है। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता उन्हें उनके मकसद में कामयाब नहीं होने देगी।
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2027 के लिए सियासी जमीन तैयार करने की कोशिश
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और सपा के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार तेज हो रहा है। अखिलेश यादव की पीडीए रथयात्रा के बाद बीजेपी की इन पदयात्राओं को जवाबी राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक तरफ समाजवादी पार्टी, पीडीए के जरिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। दूसरी तरफ बीजेपी अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारकर संगठन और समर्थक वर्ग के बीच पकड़ मजबूत करना चाहती है। तीन दिन तक चलने वाला यह अभियान आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की तैयारियों, संगठन की सक्रियता और राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
