सनातन धर्म में रक्षाबंधन को बेहद पावन त्योहार माना जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम और भरोसे का प्रतीक है। इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। संयोग से इसी दिन चंद्रग्रहण भी लगने वाला है, जो इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण होगा। चंद्रग्रहण की वजह से त्योहार पर प्रभाव पड़ेगा। इसी वजह से एक तरफ कई लोग उस दिन अपने भाई को राखी नहीं बांधेंगे, जबकि दूसरी तरफ कई लोग उस दिन रक्षाबंधन की सारी परंपराएं निभाएंगे।
इस साल रक्षाबंधन का त्योहार मनाने को लेकर कई लोग दुविधा में हैं। जहां कुछ लोगों का मानना है कि चंद्रग्रहण की वजह से रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ चंद्रग्रहण के दिन कई महिलाएं अपने भाई को राखी बांधेंगी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चंद्रग्रहण के दिन राखी बांधने से कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? इस सवाल का जवाब आइए जानते हैं।
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कब लगेगा चंद्रग्रहण?
ज्योतिषीय जानकारों के मुताबिक 28 अगस्त को चंद्रग्रहण सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होगा, जो दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। यानी ग्रहण कुल 5 घंटे 39 मिनट तक रहने वाला है। इस ग्रहण को ब्लड मून भी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रग्रहण के 9 घंटे पहले तक शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। कई लोगों का मानना है कि चंद्रग्रहण लगने से सूतक काल शुरू हो जाता है और उस दौरान शुभ कार्य नहीं करने चाहिए। अब सवाल उठता है कि रक्षाबंधन उस दिन मना सकते हैं या नहीं।
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क्या रक्षाबंधन मनाना चाहिए?
ज्योतिष जानकारों के मुताबिक 28 अगस्त को भारत में चंद्रग्रहण की लाल छाया दिखाई नहीं देगी। जब चंद्रग्रहण ही दिखाई नहीं देगा, तो उसके नकारात्मक प्रभाव भी नहीं पड़ेंगे। साथ ही भारत में सूतक काल भी मान्य नहीं माना जाएगा। इस वजह से भारत में सभी भक्तों को रक्षाबंधन का त्योहार उस दिन मनाना चाहिए।
इस साल 28 अगस्त को सभी लोग रक्षाबंधन की परंपराएं निभा सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि सभी भक्त रक्षाबंधन के दिन पूजा-पाठ कर सकते हैं और अपने भाई को राखी भी बांध सकते हैं।
नोट- यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।


